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गोवा हाउसिंग प्रोजेक्ट मामले में सलमान खान की कंपनी को बॉम्बे हाई कोर्ट का नोटिस, CRZ उल्लंघन के आरोपों पर मांगी सफाई

गोवा के कैंडोलिम हाउसिंग प्रोजेक्ट मामले में सलमान खान की कंपनी को बॉम्बे हाई कोर्ट का नोटिस। CRZ नियमों और पर्यावरण कानूनों के कथित उल्लंघन पर कोर्ट ने कंपनी समेत कई सरकारी एजेंसियों से जवाब मांगा।

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की कंपनी ‘क्लासिक सिटी इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ को गोवा में एक लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने पर्यावरण और तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कंपनी समेत कई पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

CRZ नियमों के उल्लंघन का आरोप

कैलांगुट निर्वाचन क्षेत्र फोरम की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि गोवा के कैंडोलिम क्षेत्र में विकसित लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट में पर्यावरण कानूनों और तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) के नियमों का उल्लंघन किया गया है। याचिका के अनुसार, नदी की हाई टाइड लाइन के बेहद करीब कथित रूप से अवैध निर्माण और स्विमिंग पूल बनाए गए हैं, जो पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

स्वीकृत नक्शों से अलग निर्माण का दावा

याचिकाकर्ता संगठन ने यह भी दावा किया है कि मौके पर बने विला और अन्य ढांचे स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वीकृत मूल नक्शों से मेल नहीं खाते। साथ ही, कैंडोलिम ग्राम पंचायत द्वारा अप्रैल 2025 में जारी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में आरोप है कि निर्माण को मंजूरी देने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिसकी न्यायिक जांच आवश्यक है।

हाई कोर्ट ने कई सरकारी एजेंसियों को भी बनाया पक्षकार

बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सलमान खान की कंपनी के अलावा गोवा सरकार, गोवा कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (GCZMA), कैंडोलिम ग्राम पंचायत और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भी नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है।

अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें

अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत यह देखेगी कि निर्माण कार्य संबंधित पर्यावरणीय और तटीय नियमों के अनुरूप है या नहीं। फिलहाल कोर्ट ने केवल नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले के आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।

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