राष्ट्रीय

130 की स्पीड, 7 लाख की सुपारी… जयपुर में मां की हत्या की खौफनाक साजिश का खुलासा

जयपुर में सरकारी नौकरी और संपत्ति के लालच में मां की हत्या की कथित साजिश का बड़ा खुलासा। पुलिस ने बेटी आयुषी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय आयुषी पर अपनी विधवा मां नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच में दावा किया गया है कि सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने के लालच में हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की पूरी योजना बनाई गई थी। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

तीन महीने तक रची गई हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार यह वारदात किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि करीब तीन महीने तक सुनियोजित तरीके से इसकी तैयारी की गई। आरोप है कि योजना के तहत कई लोगों को शामिल किया गया, वाहन का इंतजाम किया गया और हत्या को हिट एंड रन हादसा दिखाने की कोशिश की गई।

पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति बनी लालच की वजह

जांच में सामने आया कि नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा अदालत में एलडीसी (LDC) थे। करीब एक वर्ष पहले उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया था। इसके बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी।

पुलिस का दावा है कि आयुषी को विश्वास था कि मां की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति मिलने की संभावना बनेगी और मां की संपत्ति पर भी उसका अधिकार हो जाएगा।

चाचा और चचेरे भाई के साथ बनाई कथित साजिश

पुलिस के मुताबिक आयुषी ने अपने चाचा मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। शुरुआत में किराए की एसयूवी से वारदात की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद दूसरी गाड़ी की व्यवस्था की गई और कई दिनों तक नीरज शर्मा की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

7 लाख रुपये में कथित सुपारी, 130 किमी/घंटा की रफ्तार से टक्कर

जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या को अंजाम देने के लिए भरतपुर के बयाना निवासी हेमंत शर्मा से सात लाख रुपये में सौदा किया गया। आरोप है कि उसने अपने चार साथियों को भी इस वारदात में शामिल किया।

पुलिस के अनुसार 3 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार एसयूवी ने उन्हें कथित तौर पर करीब 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई और चालक वाहन लेकर फरार हो गया।

भाई की शिकायत के बाद बदली जांच की दिशा

शुरुआत में मामला सड़क हादसे का माना जा रहा था, लेकिन मृतका के भाई राकेश शर्मा ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज शर्मा पहले भी बेटी, सास और अन्य परिजनों द्वारा संपत्ति को लेकर प्रताड़ित किए जाने की बात कह चुकी थीं। पुलिस का कहना है कि नीरज शर्मा ने अपने भाई से यह आशंका भी जताई थी कि उनके साथ कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।

सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड से खुला पूरा मामला

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आरोपियों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। जांच के बाद कथित साजिश का खुलासा हुआ।

फिलहाल पुलिस ने आयुषी, उसके चाचा मोहन स्वरूप, कथित सुपारी किलर हेमंत शर्मा और उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं चचेरा भाई बलराम उर्फ रवि अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल की गई एसयूवी भी बरामद कर ली गई है।

पुलिस जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ पुलिस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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