नरसिंहगढ़ को मिली नई प्रशासनिक सौगात, राज्यमंत्री पंवार ने किया हरित विकास और सुशासन का आह्वान
हरियाली महोत्सव अभियान के तहत नरसिंहगढ़ में राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को भविष्य की प्राथमिकता बताया। उन्होंने हर नागरिक से एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही नवनिर्मित संयुक्त शासकीय परिसर का निरीक्षण कर बेहतर प्रशासनिक सेवाओं पर जोर दिया।
भोपाल. मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने हरियाली महोत्सव अभियान के दौरान कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित मध्यप्रदेश का निर्माण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसे अभियान समाज की सक्रिय भागीदारी से ही सफल हो सकते हैं।
एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की अपील
नरसिंहगढ़ स्थित नवीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदार कार्यालय के संयुक्त परिसर में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन का स्रोत नहीं हैं, बल्कि जैव विविधता, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
संयुक्त शासकीय परिसर से नागरिकों को मिलेगी बेहतर सुविधा
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और विधायक मोहन शर्मा ने नवनिर्मित संयुक्त शासकीय परिसर भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं, विभागीय व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि अब अधिकांश सरकारी कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होने से लोगों को अलग-अलग स्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे समय और श्रम की बचत होगी तथा सरकारी सेवाओं की उपलब्धता अधिक सरल और प्रभावी बनेगी।
अधिकारियों को त्वरित समाधान और पारदर्शी व्यवस्था के निर्देश
राज्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसमस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में पर्यावरण संरक्षण और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सामूहिक संकल्प भी दोहराया गया।




