मध्य प्रदेश

भाजपा टिकट विवाद से दतिया में तनाव, 20 किमी तक जाम, प्रशासन ने लागू की धारा 163

दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट विवाद ने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। धारा 163 लागू कर दी गई है, हाईवे पर लंबा जाम लगा, पथराव में एसपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हुए और कई भाजपा पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया।

दतिया. मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा में उम्मीदवार चयन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट बदलकर भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद समर्थकों का विरोध लगातार तेज होता गया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

सभा, जुलूस और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध

प्रशासन के आदेश के तहत अब बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम उपचुनाव के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

20 किलोमीटर तक लगा जाम, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव

शुक्रवार शाम शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शनिवार तड़के हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा चक्का जाम कर दिया, जिससे हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे। रास्ता खाली कराने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किया गया। इस दौरान कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और एक वाहन पलटने की भी घटना सामने आई।

पथराव में एसपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल

शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे हुई हिंसा के दौरान पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है। सभी घायलों को उपचार उपलब्ध कराया गया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

भाजपा कार्यालय में रोके गए कार्यकर्ता

बड़ौनकलां क्षेत्र में जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए दतिया स्थित भाजपा कार्यालय में मौजूद करीब 250 कार्यकर्ताओं को बाहर निकलने से रोक दिया। कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी नई तनावपूर्ण स्थिति को रोका जा सके।

इस्तीफों से बढ़ा राजनीतिक दबाव

टिकट परिवर्तन को लेकर नाराजगी केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही। भाजपा के कई स्थानीय पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण के साथ नगर मंत्री और पार्टी कोषाध्यक्ष ने भी जिम्मेदारी छोड़ दी। समर्थकों का दावा है कि कई पार्षदों ने भी सामूहिक रूप से इस्तीफे सौंप दिए हैं। 30 जुलाई को होने वाले दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले बढ़ता राजनीतिक असंतोष और प्रशासन की सख्ती इस चुनावी मुकाबले को और अधिक चर्चा का विषय बना रही है।

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