गोरखपुर में गरजे सीएम योगी: विपक्ष की आस्था पर उठाए सवाल, 995 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 995 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती विपक्षी सरकारों पर आस्था, सुरक्षा और रोजगार के मुद्दों पर कड़ा प्रहार किया। सीएम ने कहा कि सत्ता में रहते हुए आस्था को चोट पहुंचाने वाले आज धार्मिक उपदेश दे रहे हैं। सरकार ने 9 वर्षों में 9 लाख युवाओं को बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां दी हैं और क्षेत्र को भयमुक्त माहौल प्रदान किया है।
गोरखपुर. गोरखपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो दल सत्ता में रहते हुए आस्था के प्रतीक चिन्हों और धार्मिक आंदोलनों पर आघात करते थे, वे आज सबसे बड़े धर्मनिष्ठ बनने का नाटक कर रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को बाधित करने, रामभक्तों पर कठोर कार्रवाई करने और प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले नेताओं के मुंह से धार्मिक उपदेश हास्यास्पद प्रतीत होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतीत में जिन ताकतों ने सांस्कृतिक चेतना को दबाने का प्रयास किया, जनता उनकी सच्चाई से भली-भांति परिचित है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर जिले के प्रथम सिक्सलेन फ्लाईओवर समेत 995 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें यातायात को सुगम बनाने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ कई जनकल्याणकारी कार्य शामिल हैं। सीएम ने कहा कि सुगम आवागमन से न केवल समय की बचत होती है बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। डबल इंजन सरकार पूरे प्रदेश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण कर प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त कर रही है।
इंसेफेलाइटिस और अतीत की उपेक्षा
पूर्ववर्ती शासनकालों की कार्यशैली की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां मासूम बच्चों के जीवन के लिए बड़ा संकट थीं। तत्कालीन सरकारों की उदासीनता के कारण हजारों परिवारों ने अपने चिराग खोए। जनस्वास्थ्य, नागरिक सुरक्षा और औद्योगिक निवेश के मोर्चे पर प्रदेश को पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया था। हर पर्व-त्योहार पर अराजकता का माहौल रहता था, जिससे आम नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती थी।
रोजगार, पारदर्शी चयन और औद्योगिक प्रगति
रोजगार के क्षेत्र में उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों में व्यापक पक्षपात और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। योग्य युवाओं के अधिकारों का हनन किया जाता था। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बीते 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक जिला-एक उत्पाद योजना लागू की गई, जिससे लाखों युवाओं को निजी क्षेत्रों और स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका प्राप्त हुई है।
भयमुक्त माहौल और क्षेत्रीय कायाकल्प
गोरखपुर के बदले स्वरूप की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय यह क्षेत्र गुंडागर्दी, माफियाराज और प्रशासनिक विफलता के लिए जाना जाता था। कोई भी उद्योगपति यहाँ पूंजी निवेश करने से कतराता था। सुरक्षा का माहौल बनते ही आज गीडा में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आ रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा हुए हैं। रामगढ़ताल जैसे स्थल जो कभी गंदगी और अपराध के केंद्र हुआ करते थे, वे आज पर्यटन और मनोरंजन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो चुके हैं।
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों का कर्तव्य
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में जलभराव और बीमारियों से बचाव के लिए नालियों में कचरा न फेंकने तथा शुद्ध पेयजल का उपयोग करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सभी से खाली स्थानों पर पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि प्राकृतिक संसाधनों और जल निकायों को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।




