‘बीजेपी रहेगी तो लीक होते रहेंगे पेपर’, अयोध्या घोटाले से लेकर NEET विवाद तक योगी-मोदी पर बरसे अखिलेश
राम मंदिर दान घोटाले और पेपर लीक को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी और बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। जानिए सपा प्रमुख ने क्या गंभीर आरोप लगाए।
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कथित राम मंदिर दान घोटाला मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की अयोध्या की बार-बार होने वाली यात्राओं के बावजूद मंदिर परिसर में कथित गड़बड़ियां और हेरफेर कैसे चलती रहीं?
न्यूज एजेंसी से बातचीत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की रिपोर्ट में खुद यह बात सामने आई है कि CCTV फुटेज से छेड़छाड़ की गई थी।
सीएम योगी पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा: “क्या मुख्यमंत्री अयोध्या सबसे ज्यादा बार जाने का रिकॉर्ड इसलिए बना रहे थे ताकि वहां हो रही चोरी की निगरानी कर सकें? आखिर इतनी बार अयोध्या जाने के बाद भी उन्हें मंदिर परिसर में क्या चल रहा था, इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई?”
‘उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा अयोध्या का विकास’
अखिलेश यादव ने सिर्फ घोटाले पर ही नहीं, बल्कि अयोध्या में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या आते हैं, इसलिए वहां विश्वस्तरीय सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए था, जिसमें सरकार नाकाम रही।
उन्होंने आगे कहा, “अयोध्या में जितना विकास होना चाहिए था, उतना नहीं हुआ। इतनी बड़ी धार्मिक नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलनी चाहिए।”
चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, 8 आरोपी जेल में
गौरतलब है कि अखिलेश यादव का यह हमला ऐसे समय आया है, जब श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कथित राम मंदिर दान गबन मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
वहीं, इस मामले में कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है। अयोध्या की एक अदालत ने कथित दान गबन मामले में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अंकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू शामिल हैं।
पेपर लीक पर भी घेरा: ‘जब तक BJP रहेगी, पेपर लीक नहीं रुकेगा’
अयोध्या के साथ-साथ अखिलेश यादव ने देश में गरमाए पेपर लीक के मुद्दे पर भी केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, परीक्षाएं और पेपर लीक अब इस सरकार में आम बात बन गई है।
| अखिलेश यादव के मुख्य आरोप | सरकार से पूछे गए सवाल |
| बीजेपी सरकार अपनी गलतियों से सीख नहीं लेती। | अगर ऐसे ही पेपर लीक होते रहेंगे तो युवाओं को रोजगार कौन देगा? |
| पेपर लीक का सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों को हो रहा है। | सरकार ‘विकसित भारत’ का ढिंढोरा किस मुंह से पीट रही है? |
अखिलेश यादव ने दोटूक लहजे में कहा कि इस देश में बार-बार होने वाले पेपर लीक के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया, “जब तक बीजेपी की सरकार सत्ता में रहेगी, तब तक पेपर लीक की घटनाएं होती रहेंगी। इस संकट को पैदा करने वाली पार्टी बीजेपी है और इसका समाधान तभी होगा जब बीजेपी सत्ता से बाहर होगी।”




