राज्यसभा में NDA की बल्ले-बल्ले: बिना चुनाव लड़े मिला एक और सीट का फायदा, जादुई आंकड़े के बेहद करीब!
राज्यसभा में एनडीए (NDA) की ताकत और बढ़ गई है। मिजोरम के नवनिर्वाचित सांसद लालतलुआंगकिमा ने मुद्दों के आधार पर केंद्र सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। जानिए उच्च सदन का नया गणित।

नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ताकत में लगातार इजाफा हो रहा है। अब खबर है कि गठबंधन को पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम से भी एक बड़ा और अप्रत्याशित समर्थन मिल गया है। मिजोरम से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद के लालतलुआंगकिमा ने केंद्र सरकार को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है, जिससे बिना किसी अतिरिक्त चुनाव के NDA के पाले में एक और सीट का फायदा पहुंच गया है। हालांकि, इस समर्थन के साथ कुछ खास शर्तें भी जुड़ी हैं। इस नए समीकरण के बाद दो-तिहाई बहुमत के मामले में NDA अब जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंचता नजर आ रहा है।
समर्थन देने को तैयार, पर शर्तें लागू: जानिए ZPM का पूरा रुख
सांसद लालतलुआंगकिमा ने स्पष्ट किया है कि वह मिजोरम राज्य के विकास और स्थानीय लोगों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्र की भाजपा नीत गठबंधन सरकार का समर्थन करेंगे।
- पार्टी की स्थिति: लालतलुआंगकिमा मिजोरम की सत्तारूढ़ ‘जोरम पीपुल्स मूवमेंट’ (ZPM) के सदस्य हैं। 2017 में बनी यह क्षेत्रीय पार्टी न तो NDA का हिस्सा है और न ही विपक्षी INDIA गठबंधन का।
- संसद में रहेंगे तटस्थ: ZPM नेता ने साफ किया कि वह और पार्टी के एकमात्र लोकसभा सदस्य रिचर्ड वानलालहमंगाइहा संसद में स्वतंत्र और तटस्थ सदस्य के रूप में बैठेंगे, लेकिन मुद्दों के आधार पर केंद्र सरकार का साथ देंगे।
- एकतरफा रहा चुनाव: लालतलुआंगकिमा ने कुल 36 मतों में से 26 वोट हासिल कर मुख्य विपक्षी दल ‘मिजो नेशनल फ्रंट’ (MNF) की उम्मीदवार जोथानसांगी ह्मार (10 वोट) को करारी शिकस्त दी थी।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही वोटिंग से रहे दूर
मिजोरम की इस सीट पर हुए चुनाव में 40 सदस्यीय विधानसभा में से 3 विधायकों ने वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। इनमें भाजपा के दो विधायक (के बेइचहुआ और के हराहमो) और कांग्रेस के एकमात्र विधायक सी न्गुनलिआनचुंगा शामिल रहे, जबकि ZPM के एक विधायक डब्ल्यू छुआनावमा स्वास्थ्य कारणों से मतदान नहीं कर सके। वर्तमान में मिजोरम विधानसभा में जेडपीएम के 27, एमएनएफ के 10, भाजपा के दो और कांग्रेस का एक विधायक है।
राज्यसभा में क्या है NDA की सीटों का नया गणित?
हाल ही में संपन्न हुए 27 सीटों के राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने 19 सीटें अपने नाम की थीं, जिसके बाद 245 सीटों वाले उच्च सदन में गठबंधन की ताकत 152 पर पहुंच गई थी।
बहुमत का समीकरण: राज्यसभा में पूर्ण बहुमत के लिए 164 सीटों के आंकड़े की जरूरत होती है। मिजोरम के सांसद के इस नए समर्थन के बाद NDA का ग्राफ अब 153 पर पहुंच गया है। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 4 सांसदों के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीटों पर भी भाजपा की जीत की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं।
मॉनसून सत्र में हो सकती है बड़ी उथल-पुथल!
इस बढ़ते आंकड़े के पीछे की सबसे बड़ी वजह आगामी विधायी एजेंडा है। गौरतलब है कि अप्रैल (2026) में केंद्र सरकार परिसीमन से जुड़ा ‘संविधान संशोधन बिल’ लेकर आई थी, जो पर्याप्त संख्या बल (दो-तिहाई बहुमत) न होने के कारण अटक गया था। अब जिस तरह से NDA जादुई आंकड़े की तरफ बढ़ रहा है, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी मॉनसून सत्र में सरकार इस महत्वपूर्ण बिल को दोबारा सदन के पटल पर रख सकती है।




