MP MSME Department: एमपी के MSME विभाग में तबादलों पर घमासान, जूनियर अफसर लिखेंगे सीनियर अधिकारियों की CR!
मध्य प्रदेश के MSME विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों के बाद प्रशासनिक बवाल मच गया है। 60 से ज्यादा राजपत्रित अफसरों को नजरअंदाज कर जूनियरों को महाप्रबंधक का प्रभार देने पर वरिष्ठों में भारी आक्रोश है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग में तबादलों और प्रभार के आदेशों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर यह आरोप तेजी से लग रहे हैं कि सीधे तौर पर वरिष्ठ और योग्य अधिकारियों को नजरअंदाज किया गया है और जूनियर अफसरों को बड़े व मलाईदार पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले के बाद से विभाग के कई क्लास-2 राजपत्रित अधिकारी खुलकर इस व्यवस्था के विरोध में उतर आए हैं।
क्या है ‘चार्ज के ऊपर चार्ज’ की अजब व्यवस्था?
पूरा विवाद 15 और 16 जून को विभाग द्वारा जारी किए गए प्रभार आदेशों के बाद शुरू हुआ। नाराज अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसे कर्मचारी “चार्ज के ऊपर चार्ज” का नाम दे रहे हैं।
इसके तहत जिन अधिकारियों का मूल पद महज ‘सहायक प्रबंधक’ है और जो वर्तमान में खुद ‘प्रभारी प्रबंधक’ के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें सीधे जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक (General Manager) जैसे उच्च पद का प्रभार सौंप दिया गया है।
इन अधिकारियों को मिला महाप्रबंधक (GM) का प्रभार:
- सुबोध कुमार श्रीवास्तव — मंडीदीप
- जेपी तिवारी — रीवा
- शिवशंकर सिंह — निवाड़ी
- सुरेश कुमार गोस्वामी — भिंड
- राममूर्ति खरे — अनूपपुर
- अजय तिवारी — शिवपुरी
- बीएल अहिरवार — दमोह
60 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी कतार में, फिर भी जूनियर्स को मौका
विभागीय अधिकारियों ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विभाग में MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 (Class-2) राजपत्रित अधिकारी पहले से कार्यरत हैं। इनमें कई योग्य प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद नियमित रूप से चयनित और वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक की कुर्सी सौंप दी गई है, जिससे विभाग में निराशा का माहौल है।
प्रशासनिक ढांचा ध्वस्त! अब जूनियर अफसर लिखेंगे वरिष्ठों की CR
इस विवाद की सबसे चौंकाने वाली वजह गोपनीय चरित्रावली (CR) को लेकर सामने आ रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में अब ऐसी अजीब स्थिति बन गई है जहां वर्ग-2 के राजपत्रित अधिकारी उन अफसरों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 (Class-3) सेवा श्रेणी के हैं।
प्रशासनिक नियमों के विपरीत, अब ये जूनियर अधिकारी अपने से सीनियर अधिकारियों की CR (Character Roll) लिखेंगे। अधिकारियों का साफ कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक मर्यादा दोनों के लिहाज से एक बेहद असामान्य और हास्यास्पद स्थिति है।
पदोन्नति रोकी, प्रभार से चल रहा काम; मनोबल पर असर
अधिकारियों में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि विभाग में लंबे समय से पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया को लटका कर रखा गया है। एक तरफ नियमित प्रमोशन नहीं किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कामचलाऊ प्रभारी व्यवस्था के जरिए जूनियरों को उपकृत किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह नीति सेवा नियमों के विपरीत है और इससे पूरी प्रशासनिक व्यवस्था का मनोबल टूट रहा है। फिलहाल इस पूरे बवाल पर MSME विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।




