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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, कॉकरोच पार्टी शुरू करेगी ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत शिक्षा में बढ़ती फीस, कोचिंग और डोनेशन जैसे मुद्दों पर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। जानिए इस नए अभियान की मुख्य बातें।

नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ‘क्या बोलती पब्लिक’ नामक नए अभियान की घोषणा की है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य देश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस के खिलाफ आवाज उठाना और शिक्षा को आम जनता के लिए सुलभ बनाना है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कॉकरोच पार्टी की नई रणनीति

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र देने के पश्चात कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भावी कार्ययोजना का खुलासा किया है। गुरुवार को महाराष्ट्र में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने ‘क्या बोलती पब्लिक’ शीर्षक से एक नए राष्ट्रव्यापी अभियान की आधिकारिक शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास करना है।

शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती फीस और डोनेशन पर जताई चिंता

अभिजीत दीपके के अनुसार, नए अभियान के अंतर्गत सबसे पहले शिक्षा क्षेत्र की विसंगतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने देश में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के बढ़ते व्यवसायीकरण पर गंभीर सवाल खड़े किए। दीपके ने कहा कि पहली कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक फीस एक से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसके साथ भारी डोनेशन की मांग भी की जाती है। आम परिवारों की सीमित आय को देखते हुए यह ढांचा मध्यमवर्गीय अभिभावकों पर भारी आर्थिक दबाव डाल रहा है।

उच्च शिक्षा और कोचिंग संस्थानों के आर्थिक बोझ पर प्रहार

स्कूल स्तर के बाद कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस को लेकर भी कॉकरोच जनता पार्टी ने रुख कड़ा किया है। दीपके ने रेखांकित किया कि उच्च शिक्षण संस्थाओं और कोचिंग सेंटरों का अत्यधिक खर्च कई परिवारों को कर्ज के दलदल में धकेल रहा है। पार्टी का लक्ष्य इस आर्थिक बोझ को कम कराने के लिए नीतिगत सुधारों की मांग करना है ताकि हर वर्ग के छात्र को समान अवसर मिल सकें।

संविधान निर्माता के विचारों का उल्लेख और शिक्षा का अधिकार

अपने संबोधन के दौरान अभिजीत दीपके ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। वर्तमान दौर में शिक्षा को ज्ञान के माध्यम के बजाय केवल मुनाफे का व्यापार बना दिया गया है, जिसे बदलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि सर्वसुलभ और सस्ती शिक्षा ही एक सशक्त समाज की बुनियाद रख सकती है।

राजनीतिक दल के बजाय प्रेशर ग्रुप के रूप में कार्य करने का संकल्प

उल्लेखनीय है कि नीट मामले और क्षेत्रीय छात्र आंदोलनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। दीपके ने पुनः दोहराया कि उनका संगठन किसी पारंपरिक राजनीतिक दल का रूप धारण नहीं करेगा। इसके स्थान पर वे स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु एक प्रभावी ‘प्रेशर ग्रुप’ (दबाव समूह) के रूप में कार्य करते रहेंगे।

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