अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन पर कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई सियासी जंग, AIMIM के बयान से बढ़ा विवाद
दिल्ली दंगा मामले में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी ठहराए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया। AIMIM, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों से नया विवाद खड़ा हो गया है।
नई दिल्ली. फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में अदालत द्वारा ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या और दंगा भड़काने के आरोप में दोषी माना है, जबकि छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। दोष सिद्ध होने के बाद अब सभी की नजर सजा के ऐलान पर टिकी है।
AIMIM ने ताहिर हुसैन के पक्ष में रखा अपना पक्ष
अदालत के फैसले के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की दिल्ली इकाई ने ताहिर हुसैन के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने कहा कि उनके अनुसार ताहिर हुसैन स्वयं हिंसा के दौरान निशाने पर थे और उन्होंने प्रशासन से मदद की मांग भी की थी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि स्थानीय लोग घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित हैं और उम्मीद जताई कि ऊपरी अदालत में मामले की दोबारा समीक्षा होगी।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी जताई प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पार्टी नेतृत्व ने यह स्पष्ट किया कि ताहिर हुसैन का पार्टी से काफी पहले संबंध समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद विधायक अमानतुल्लाह खान ने फैसले पर दुख व्यक्त करते हुए ताहिर हुसैन के परिवार के प्रति संवेदना जताई और कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। वहीं, पूर्व विधायक हाजी यूनुस ने भी परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
कांग्रेस नेता के बयान से भी बढ़ी बहस
इस मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बयान भी चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन के साथ पक्षपात हुआ और उनकी पहचान को लेकर सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई। दूसरी ओर, अदालत के फैसले का समर्थन करने वाले पक्ष का कहना है कि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर निर्णय दिया है।
सजा पर टिकी अगली नजर
अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण सजा का निर्धारण होगा। इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इस मामले को फिर से राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना दिया है। आने वाले दिनों में सजा के ऐलान और संभावित अपील के साथ इस मामले की कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।




