खेल

प्रधानमंत्री की तारीफ से गदगद पीवी सिंधु, बोलीं- ‘आपके शब्द भारत का मान बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं’

जापान ओपन का खिताब जीतने पर प्रधानमंत्री द्वारा की गई सराहना के बाद बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने उनका आभार जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को देश का मान बढ़ाने और निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा बताया।

जापान ओपन का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करने वाली भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की गई प्रशंसा पर गहरा आभार व्यक्त किया है। देश के सर्वोच्च नेतृत्व से मिली इस सराहना से उत्साहित खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि ये प्रोत्साहन भरे शब्द उनके लिए भविष्य में और अधिक लगन से अभ्यास करने की ताकत प्रदान करते हैं। उन्होंने इस सम्मान को अपने खेल जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण बताया।

सोशल मीडिया के जरिए व्यक्त किया आभार

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से खुशी जाहिर करते हुए भारतीय शटलर ने लिखा कि राष्ट्रीय स्तर के संवाद कार्यक्रम में उनका उल्लेख होना उनके लिए बेहद गौरवपूर्ण है। उन्होंने निरंतर मिल रहे सहयोग और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी सराहना उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगे का गौरव बढ़ाने और अपनी क्षमताओं का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।

जापान ओपन में ऐतिहासिक प्रदर्शन और खिताबी सफर

जापान ओपन के फाइनल मुकाबले में पीवी सिंधु ने असाधारण खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए जापानी प्रतिद्वंद्वी अकाने यामागुची को सीधे सेटों में 21-17, 21-17 से पराजित किया। इस जीत के साथ ही वे यह खिताब हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। प्रतियोगिता की शुरुआत में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद खिताबी मैच में उन्होंने अपने सटीक शॉट्स और आक्रामक शैली के दम पर विरोधी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।

खिताबी सूखा खत्म और शानदार वापसी

यह खिताबी जीत भारतीय खिलाड़ी के लिए पिछले दो वर्षों में पहला प्रमुख बीडब्ल्यूएफ खिताब बनकर आई है, जिससे उनके लंबे समय के खिताबी इंतजार पर विराम लगा। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अपने कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया और कई कठिन मुकाबलों को पार करते हुए खिताबी मैच में जगह बनाई। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद प्रधानमंत्री ने संदेश जारी कर उनकी इस उपलब्धि को देश के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण भी करार दिया।

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