छात्रों के लिए यादगार बना विधानसभा भ्रमण, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संविधान की मिली व्यावहारिक समझ
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक जिम्मेदारियों पर विद्यार्थियों से संवाद किया।
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान विधानसभा परिसर विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र की जीवंत पाठशाला बन गया। भिलाई स्थित शकुंतला विद्यालय की कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर विधानसभा पहुंचा। विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और विधायी प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया विकसित छत्तीसगढ़ का भविष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सदन तक पहुंचाने की सतत प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा में जनहित के विषयों पर गंभीर चर्चा के बाद नीतियां और कानून तैयार किए जाते हैं, जो राज्य के विकास की दिशा तय करते हैं।
संविधान और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें अध्ययन के साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली समझने, संविधान के प्रति सम्मान विकसित करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और विधायक रिकेश सेन भी मौजूद रहे।
प्रश्नकाल और संसदीय प्रक्रियाओं को करीब से देखा
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दर्शक दीर्घा से सदन की कार्यवाही देखी। उन्होंने प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चाओं और संसदीय प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। साथ ही विधानसभा भवन की संरचना, उसकी कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की भी व्यावहारिक समझ हासिल की।
विद्यार्थियों ने बताया प्रेरणादायक अनुभव
भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और यादगार अनुभव बताया। उनका कहना था कि पुस्तकों में पढ़ी गई संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर उनके लिए विशेष रहा। इस अनुभव ने लोकतंत्र, संविधान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर उनकी समझ को और अधिक व्यापक बनाया तथा भविष्य में सक्रिय और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दी।



