Bhilai School Bus Checking: भिलाई में स्कूल बसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 51 बसों की जांच में खुली पोल, कटे चालान
भिलाई-दुर्ग में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने 51 स्कूली बसों की औचक जांच की। 5 बसों में कमियां मिलने पर चालान काटा गया, वहीं चेकिंग के दौरान 13 ड्राइवरों की सेहत को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

भिलाई: स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर दुर्ग-भिलाई प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। रविवार को यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने भिलाई के सेक्टर-06 पुलिस ग्राउंड में एक बड़ा स्कूल बस जांच शिविर आयोजित किया। इस दौरान 4 बड़े शैक्षणिक संस्थानों की 51 बसों की बारीकी से जांच की गई। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन करने और दस्तावेजों में खामियां पाए जाने पर 5 स्कूल बसों के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई की गई है। वहीं, शिविर में ड्राइवरों के हेल्थ चेकअप के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट भी सामने आई है।
फिटनेस से लेकर परमिट तक खंगाले गए दस्तावेज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा ने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य बच्चों का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना था। जांच के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC), रोड टैक्स और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की सघन जांच की।
इस चेकिंग के दौरान 5 बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कागजात अधूरे पाए गए, जिस पर मोटरयान अधिनियम (MV Act) के तहत जुर्माना वसूला गया। प्रशासन ने स्कूल संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि कमियों को दूर करने के बाद ही इन बसों को सड़क पर उतारा जाए।
चौंकाने वाली रिपोर्ट: 13 बस ड्राइवरों को ब्लड प्रेशर और शुगर की शिकायत
इस शिविर में सिर्फ गाड़ियों की ही नहीं, बल्कि उन्हें चलाने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों की सेहत की भी जांच की गई। हेल्थ चेकअप के दौरान एक चिंताजनक बात सामने आई कि बच्चों की जान की जिम्मेदारी संभालने वाले 13 बस चालकों में हाई ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) और डायबिटीज (शुगर) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पाई गईं। डॉक्टरों की टीम ने इन सभी चालकों को तुरंत आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और दवाइयां लेने की सलाह दी है, ताकि सफर के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।




