बंगाल बजट में महा-ऐलान: सरकारी कर्मचारियों के DA में 20% की भारी बढ़ोतरी, महिलाओं को नौकरियों में 33% आरक्षण!
पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने अपना पहला बजट 2026-27 पेश कर दिया है। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सरकारी कर्मचारियों के DA में 20% की वृद्धि, महिलाओं को 33% आरक्षण और 1 लाख नई भर्तियों का ऐलान किया। पूरी रिपोर्ट।

कलकत्ता। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने विधानसभा में अपना पहला ऐतिहासिक बजट (2026-27) पेश कर दिया है। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता द्वारा पेश किए गए इस बजट में सरकार ने समाज के हर वर्ग को साधने की पुरजोर कोशिश की है। ‘भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और भविष्य के लिए तैयार बंगाल’ के संकल्प के साथ आए इस बजट में सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं, पत्रकारों और युवाओं के लिए बड़े और लोक-लुभावन ऐलानों की झड़ी लगा दी गई है। बजट की फाइलों को भी बंगाल की पारंपरिक मैट (चटाई) और जूट से तैयार किया गया था, जो पर्यावरण अनुकूल होने के साथ-साथ राज्य की संस्कृति को दर्शाती हैं।
कर्मचारियों को 20% DA की बड़ी सौगात; पत्रकारों के लिए पेंशन
बजट की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घोषणा राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए रही:
- DA बढ़कर हुआ 38 प्रतिशत: सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में सीधे 20 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब कुल DA बढ़कर 38% हो जाएगा, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
- 7वां वेतन आयोग और बकाया: चुनाव पूर्व किए गए वादे के मुताबिक, सरकार ने 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं और बकाया DA देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
- पत्रकारों और परिवहन कर्मियों को लाभ: सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए हर महीने 5,000 रुपये पेंशन की घोषणा की गई है, जबकि राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के पारिश्रमिक (सैलरी) में भी सम्मानजनक वृद्धि की गई है।
1 लाख सरकारी नौकरियां; ममता बनर्जी के नैरेटिव को सीधी चुनौती
युवाओं और महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए शुभेंदु सरकार ने राज्य में 1 लाख रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने का ऐलान किया है। 33% महिला आरक्षण का दांव: सबसे खास बात यह है कि इन 1 लाख सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इस कदम को सीधे तौर पर ममता बनर्जी के ‘महिला कल्याण’ वाले राजनीतिक नैरेटिव को काउंटर करने और महिलाओं को सीधे आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा और अन्य बड़े ऐलान
- गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एकमुश्त 21,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य में ‘पिंक कार्ड’ योजना भी शुरू होगी।
- विशेष भत्ता: उन नागरिकों को विशेष भत्ता दिया जाएगा जिन्हें पूर्ववर्ती राजनीतिक व्यवस्था में कथित तौर पर झूठे मुकदमों में जेल भेजा गया था।
- विधायक फंड में इजाफा: स्थानीय विकास को रफ्तार देने के लिए MLA फंड को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये सालाना कर दिया गया है। वहीं नदी के कटाव को रोकने के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
डिजिटल बंगाल: रेत-कोयला नीलामी से लेकर परीक्षा तक सब ऑनलाइन
पश्चिम बंगाल अब तकनीकी विकास के लिए पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस करेगा, जिसके लिए ‘AI इम्पैक्ट प्रोग्राम’ की शुरुआत की जा रही है। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अब रेत, कोयला और बोल्डर की नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन होगी। साथ ही सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन परीक्षा, ऑनलाइन स्क्रूटनी, डिजिटल वेरिफिकेशन और ट्रैकिंग का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड भी तैयार होगा।
प्रशासनिक और सांस्कृतिक सुधार
प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य के कांथी क्षेत्र को अब नया पुलिस जिला बनाया जाएगा। साथ ही विभिन्न अंचलों में नई नगरपालिकाएं और नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे। बंगाल की संस्कृति को सहेजने के लिए कोलकाता में एक नया सांस्कृतिक स्कूल स्थापित करने की भी घोषणा की गई है।




