छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में 11 महीने बाद दवा विक्रेता को जमानत, 24 बच्चों की हुई थी मौत
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में हाईकोर्ट ने थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को 11 महीने बाद जमानत दी। मामले में जहरीले कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत हुई थी।
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में करीब 11 महीने से न्यायिक हिरासत में बंद थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने गुरुवार को मामले में सुनवाई करते हुए राजेश सोनी की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इसी दौरान एक अन्य आरोपी डॉ. एसएस ठाकुर की जमानत से जुड़ी याचिका पर भी सुनवाई हुई।
24 बच्चों की मौत के बाद सामने आया था मामला
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में सिरप में 46 प्रतिशत डीआईडी पाए जाने की बात सामने आई थी। इस घटना में कुल 24 बच्चों की मौत होने की जानकारी दी गई है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन के मालिक रंगनाथन गोविंदन, केमिस्ट, तीन डॉक्टरों समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार हुए थे राजेश सोनी
मामले की जांच के दौरान थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने उन्हें अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में थे। उनकी ओर से हाईकोर्ट में दायर जमानत आवेदन में कहा गया कि कफ सिरप के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और उनके पास दवा का स्टॉक आने के बाद उन्होंने उसकी बिक्री की थी। याचिका में यह भी दलील दी गई कि राजेश सोनी करीब 11 महीने से न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने दी जमानत
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राजेश सोनी को जमानत प्रदान कर दी। हालांकि इसी प्रकरण में आरोपी बनाए गए डॉ. एसएस ठाकुर को इस सुनवाई में जमानत का लाभ नहीं मिला। इसके बाद उनकी ओर से जमानत आवेदन वापस लेने का अनुरोध किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए आवेदन निरस्त कर दिया।
अन्य आरोपियों को पहले मिल चुकी है राहत
कफ सिरप मामले में आरोपी बनाई गई ज्योति सोनी और सौरभ को इससे पहले जमानत मिल चुकी है। वहीं प्रकरण में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। मामले में कफ सिरप की गुणवत्ता, उसके वितरण और घटना से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर जांच की गई थी।
मामले में आगे भी जारी रहेगी कानूनी प्रक्रिया
राजेश सोनी को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद कफ सिरप कांड की कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में कार्यवाही जारी है और अलग-अलग आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अदालत द्वारा परिस्थितियों के आधार पर सुनवाई की जा रही है।




