उत्तर प्रदेश

लखनऊ में अखिलेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस, रोजगार से कानून-व्यवस्था तक सरकार पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने लखनऊ में रोजगार, निवेश, बिजली और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी विज्ञापनों में निवेश और रोजगार के दावों पर भी निशाना साधा।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने रोजगार, निवेश, बिजली, किसानों और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकारी विज्ञापनों में निवेश और रोजगार के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा।

अखिलेश इससे पहले भी सरकारी नौकरियों और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर अपनी स्थिति सामने रख चुके हैं। उन्होंने कहा है कि सत्ता में आने पर सपा सरकार आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर स्थायी रोजगार की दिशा में कदम उठाएगी।

‘निवेश विज्ञापनों में दिखाई दे रहा’

अखिलेश यादव ने कहा कि अखबारों में लगातार बड़े-बड़े विज्ञापन प्रकाशित हो रहे हैं। उनके मुताबिक विज्ञापनों में निवेश और उद्योग की तस्वीर दिखाई जाती है, जबकि नौकरियों के दावे भी किए जाते हैं। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर विज्ञापनों में बताए गए रोजगार के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति अलग दिखाई देगी।

उन्होंने किसानों और आलू की पैदावार का मुद्दा भी उठाया और सरकार से खरीद तथा किसानों को हुए भुगतान को लेकर सवाल किए। ये बातें अखिलेश के राजनीतिक आरोप और सवाल के रूप में सामने आईं।

AI वीडियो को लेकर भी जताई चिंता

अखिलेश यादव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किए जा रहे वीडियो और राजनीतिक कंटेंट को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने के लिए बड़ी रकम खर्च की जा रही है। उन्होंने पीडीए से जुड़े लोगों को कथित तौर पर परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया।

बिजली व्यवस्था पर सरकार से सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने बिजली उत्पादन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में कोई नई पावर यूनिट नहीं लगाई गई। बिजली से जुड़े उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है। हालिया रिपोर्टों में हालांकि उत्तर प्रदेश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ क्षेत्रों में रात के समय बिजली प्रबंधन की स्थिति सामने आई है।

छात्रसंघ चुनाव और चुनावी प्रक्रिया का मुद्दा

अखिलेश यादव ने छात्रसंघ चुनाव कराए जाने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं तो उत्तर प्रदेश में भी छात्रसंघ चुनाव होने चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े SIR को लेकर भी अपनी पार्टी की निगरानी जारी रहने की बात कही।

रायबरेली और सीतापुर की घटनाओं का जिक्र

अखिलेश ने रायबरेली और सीतापुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस-प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने रायबरेली में छात्र सभा के कार्यक्रम को रोके जाने का दावा किया। लखीमपुर में सड़क निर्माण से संबंधित वीडियो वायरल करने वाले ग्रामीणों के साथ कथित कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया और कहा कि पार्टी की ओर से वहां एक कमेटी भेजी गई है।

कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ली

इस दौरान बांदा से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके मयंक दीक्षित, श्रावस्ती से भाजपा छोड़कर आए नंद किशोर गिरी और उत्तर प्रदेश चेयरमैन संघ के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राज्य में रोजगार और निवेश को लेकर राजनीतिक दावे लगातार चर्चा में हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से सरकारी नियुक्तियों को लेकर भी गतिविधियां जारी हैं। 19 सितंबर 2026 को 818 अभ्यर्थियों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जाने का कार्यक्रम रिपोर्ट किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button