अंतरराष्ट्रीय

Chinese Army Modernization: राष्ट्रपति शी चिनफिंग का चीनी सेना को बड़ा निर्देश- अमेरिकी टक्कर की ‘विश्व-स्तरीय’ मिलिट्री बनाओ

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने CPC के 105वें स्थापना दिवस पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को अमेरिकी सेना के टक्कर का बनाने और ताइवान के पूर्ण एकीकरण का ऐतिहासिक संकल्प दोहराया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपनी सेना ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (PLA) को आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के 105वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक भव्य सभा को संबोधित करते हुए चिनफिंग ने कहा कि सेना को अपनी क्षमताओं को विश्व-स्तरीय मानकों तक ले जाना होगा, ताकि देश की संप्रभुता और विकास हितों की रक्षा की जा सके। राष्ट्रपति के इस कदम को सीधे तौर पर चीनी सेना को हथियारों, उपकरणों और ट्रेनिंग के मामले में अमेरिकी सेना के बराबर खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

साल 2027 का टारगेट: 100वीं वर्षगांठ तक महाशक्ति बनने का लक्ष्य

चीनी राष्ट्रपति, जो सीपीसी के अध्यक्ष और सेना प्रमुख भी हैं, ने साल 2027 में होने वाली चीनी सेना की 100वीं वर्षगांठ के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल करने का आह्वान किया। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के मुताबिक, चिनफिंग ने सशस्त्र बलों से अमेरिकी सैन्य क्षमता की बराबरी करने और वैश्विक शांति व विकास में योगदान देने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने को कहा है।

ताइवान का एकीकरण हमारा अटूट संकल्प, अलगाववादियों को चेतावनी

इस ऐतिहासिक मौके पर शी चिनफिंग ने ताइवान को लेकर चीन के आक्रामक और “अटूट” संकल्प को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने दो टूक कहा: “ताइवान मुद्दे को सुलझाना और चीन का पूरी तरह से एकीकरण करना सीपीसी के लिए एक ऐतिहासिक मिशन और अटूट संकल्प है।”

उन्होंने ‘ताइवान की आजादी’ चाहने वाले अलगाववादियों से मुस्तैदी से लड़ने और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप (विशेषकर अमेरिका) का पुरजोर विरोध करने के लिए ठोस कदम उठाने की कसम खाई। चीन हमेशा से ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता आया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबी जंग और चौथे कार्यकाल की तैयारी

चिनफिंग ने पार्टी में कड़ा अनुशासन लागू करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई जारी रखने पर जोर दिया। साल 2012 में सत्ता संभालने के बाद से चिनफिंग ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत सेना के बड़े जनरलों समेत 10 लाख से अधिक अधिकारियों को सजा देकर अपनी सत्ता को बेहद मजबूत किया है।

माओत्से तुंग के बाद सबसे शक्तिशाली चीनी नेता बन चुके शी चिनफिंग फिलहाल अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। आज के इस कार्यक्रम को अगले साल होने वाले सीपीसी महाधिवेशन (जो हर 5 साल में होता है) की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है, जहां व्यापक रूप से संभावना है कि चिनफिंग रिकॉर्ड चौथी बार 5 साल के लिए चीन की सत्ता संभालेंगे।

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