काशी में सजेगा राजस्थानी मेले का रंग, 70 स्टॉल पर संस्कृति, शॉपिंग और स्वाद का संगम
वाराणसी में 13 जुलाई को आयोजित राजस्थानी मेले में 70 स्टॉल पर ज्वेलरी, फैशन, हस्तशिल्प, गृह सज्जा और पारंपरिक व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आयोजन महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
वाराणसी. वाराणसी में 13 जुलाई को महमूरगंज स्थित शुभम बैंक्वेट हॉल में राजस्थानी मेले का आयोजन किया जाएगा। मारवाड़ी युवा मंच गंगा शाखा की ओर से आयोजित इस मेले का उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। आयोजकों के अनुसार सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इस बार भी शहरवासियों को संस्कृति, शॉपिंग, हस्तशिल्प और पारंपरिक स्वाद का अनूठा अनुभव मिलेगा।
70 स्टॉल बनेंगे आकर्षण का केंद्र
मेला सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों के लगभग 70 स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर हस्तनिर्मित उत्पादों से लेकर फैशन, गृह सज्जा और पारंपरिक वस्तुओं की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध रहेगी। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय लोगों को विविध उत्पादों से जोड़ने के साथ महिला उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करना है।
ज्वेलरी, फैशन और त्योहारों से जुड़े उत्पादों की भरमार
मेले में डायमंड ज्वेलरी, पारंपरिक और आधुनिक आभूषण, डिजाइनर साड़ियां, फैशनेबल परिधान, आकर्षक राखियां, जन्माष्टमी से जुड़े ठाकुर जी के श्रृंगार सामग्री, होम डेकोर उत्पाद, हस्तशिल्प और बच्चों के उपयोगी सामान उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन भी आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
महिला उद्यमिता को मिलेगा नया अवसर
आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना और उन्हें अपने व्यवसाय को नए ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर देना है। ऐसे आयोजनों से महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का बेहतर मंच मिलता है।
परिवार के साथ सांस्कृतिक माहौल का मिलेगा आनंद
आयोजन समिति ने शहरवासियों से परिवार और मित्रों के साथ मेले में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आयोजन केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्थानी संस्कृति, कला, फैशन, पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प का जीवंत अनुभव भी प्रदान करेगा। सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए यह मेला मनोरंजन और सांस्कृतिक विविधता का विशेष केंद्र बनने की उम्मीद है।




