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भारत से टी20 सीरीज गंवाने के बाद छलका सिकंदर रजा का दर्द: फील्डिंग सुधारने और भारतीय बल्लेबाजों से सीखने की कही बात

भारत के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में मिली 90 रन की करारी हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने अपनी टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को स्वीकार किया है।

मेजबान जिम्बाब्वे की टीम को भारत के विरुद्ध खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में 90 रन की करारी पराजय का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही मेजबान टीम ने तीन मैचों की श्रृंखला भी गंवा दी है। मैच की समाप्ति के पश्चात जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्पष्ट तौर पर स्वीकार किया कि उनकी टीम के प्रदर्शन में कमियां रही हैं और खिलाड़ियों को फील्डिंग के स्तर में काफी सुधार करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की उत्कृष्ट बल्लेबाजी की मुक्तकंठ से सराहना की।

भारतीय बल्लेबाजों का कौशल और फील्डिंग की कमियां

श्रृंखला हाथ से निकलने के बाद बातचीत करते हुए सिकंदर रजा ने कहा कि कुछ मौकों पर उनके गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास किया, परंतु भारतीय टीम के बल्लेबाजों को पूरा श्रेय मिलना चाहिए। उन्होंने मैदान पर जिस स्तर के शॉट खेले और अपने कौशल का प्रदर्शन किया, वह सचमुच सराहनीय था। उन्होंने यह भी माना कि जिम्बाब्वे की फील्डिंग लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। यदि फील्डर अपने गेंदबाजों का उचित सहयोग करते तो विरोधी टीम पर दबाव बनाया जा सकता था, हालांकि इससे भारतीय बल्लेबाजों की शानदार पारी का महत्व कम नहीं होता।

ईशान किशन की विस्फोटक बल्लेबाजी और क्षमता की सराहना

मुकाबले में ईशान किशन ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 44 गेंदों पर 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ 66 रनों की और तिलक वर्मा के साथ 94 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाईं। विपक्षी कप्तान ने ईशान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे लंबे समय से बेहतरीन फॉर्म में हैं और तीसरे क्रम पर आकर बल्लेबाजी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ईशान और तिलक वर्मा के खेल कौशल से उनकी टीम के खिलाड़ियों को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा।

लक्ष्य का पीछा करने में विफलता और स्वयं के प्रदर्शन पर निराशा

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 17.5 ओवरों में महज 129 रनों पर ढेर हो गई। बड़े लक्ष्य के संदर्भ में बात करते हुए कप्तान ने कहा कि उनके सलामी बल्लेबाजों ने सकारात्मक शुरुआत दी थी, लेकिन अनुभव की कमी और गलत शॉट चयन के कारण टीम बिखर गई। उन्होंने स्वयं के प्रदर्शन पर निराशा जताते हुए स्वीकार किया कि वे एक कप्तान के तौर पर अपनी भूमिका सही से नहीं निभा पाए हैं और आने वाले मैचों में बेहतर वापसी का प्रयास करेंगे।

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