सहसपुर लोहारा में विशेष राजस्व शिविर की शुरुआत, 96 में से 85 मामलों का मौके पर समाधान
कबीरधाम के सहसपुर लोहारा में विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविर की शुरुआत हुई। पहले शिविर में 96 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 85 का मौके पर निराकरण किया गया। जुलाई और अगस्त में चार अन्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।

सहसपुर. कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा तहसील में विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविरों की शुरुआत हो गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर आयोजित इस अभियान का पहला शिविर शनिवार को मंगल भवन, सहसपुर लोहारा में लगाया गया। कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में राजस्व से जुड़े विभिन्न मामलों के आवेदन प्राप्त किए गए और बड़ी संख्या में प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया गया। उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और आसान राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है।
पहले ही शिविर में अधिकांश आवेदनों का हुआ निराकरण
शिविर के दौरान जाति प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार, फौती नामांतरण, जन्म प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका, भू-अधिकार पट्टा, बिक्री नकल, राशन कार्ड और बिजली कनेक्शन सहित विभिन्न विषयों से जुड़े कुल 96 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 85 प्रकरणों का उसी दिन निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 11 मामलों में आवश्यक न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में भी आवेदकों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी देकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हितग्राहियों को मौके पर मिली राहत
शिविर में सिंघनपुरी निवासी रामकुमार और पिरचाटोला निवासी खेमसिंह को तत्काल ऋण पुस्तिका प्रदान की गई। इससे लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के शिविरों से राजस्व सेवाओं की पहुंच सीधे ग्रामीणों तक होगी और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा संभव हो सकेगा।
जुलाई और अगस्त में चार और शिविर होंगे आयोजित
प्रशासन ने बताया कि सहसपुर लोहारा तहसील में 21 जुलाई, 1 अगस्त, 11 अगस्त और 21 अगस्त को चार अतिरिक्त विशेष राजस्व शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका वितरण, नक्शा अद्यतन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार और मोबाइल नंबर अपडेट, अभिलेख सुधार, स्वामित्व योजना सहित सभी प्रमुख राजस्व सेवाओं से जुड़े आवेदन स्वीकार कर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य राजस्व संबंधी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तेज और प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है।




