नेपाल-भारत ट्रेड: दो महीने बाद फिर शुरू हुआ नेपाली चाय का भारत निर्यात, नियमों में ढील से मिली बड़ी राहत
भारत द्वारा आयात नियमों में ढील दिए जाने के बाद नेपाल से चाय का निर्यात 2 महीने बाद फिर शुरू हो गया है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कूटनीतिक बातचीत के बाद मिली इस सफलता की जानकारी दी।
काठमांडू. भारत और नेपाल के बीच चाय व्यापार को लेकर चल रहा गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बुधवार (1 जुलाई) को जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा नियमों में ढील दिए जाने के बाद, दो महीने से रुका हुआ नेपाली चाय का भारत को निर्यात फिर से बहाल हो गया है। भारतीय चाय बोर्ड (Tea Board of India) द्वारा आयात नियमों को सख्त किए जाने के कारण बीते 1 मई से नेपाल से चाय की सप्लाई पूरी तरह बंद थी, जो मंगलवार (30 जून) से दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो गई है।
विदेश मंत्री खनाल की भारत यात्रा लाई रंग
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने नेपाल की नेशनल असेंबली (संसद) को इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में संपन्न हुई अपनी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में भारतीय उच्च अधिकारियों के साथ इस व्यापारिक मुद्दे पर गंभीर चर्चा की थी। इसके बाद भारत सरकार ने नेपाल से चाय आयात से जुड़ी अपनी सख्त नीति की समीक्षा की और नियमों को उदार बनाया, जिसके चलते अब नेपाली चाय का भारत आना बेहद आसान हो गया है।
नेपाली चाय उद्योग को संजीवनी, ट्रकों की रवानगी शुरू
नेपाल चाय संघ के अध्यक्ष कमल मैनाली ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए पुष्टि की है कि नियमों में ढील मिलते ही मंगलवार, 30 जून से चाय की खेप लेकर ट्रकों ने भारतीय सीमा की ओर रुख कर लिया है। बता दें कि भारत, नेपाल में उत्पादित होने वाली चाय का सबसे बड़ा और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजार है। दो महीने तक निर्यात बंद रहने से नेपाल के चाय बागान मालिकों और व्यापारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन इस कूटनीतिक सफलता से पूरे सेक्टर ने राहत की सांस ली है।




