महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे 626.25 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी हुई। 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 626.25 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए भेजे गए। योजना से अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत 29वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से राशि जारी की गई। इसके साथ ही योजना के तहत लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता देने का क्रम आगे बढ़ा है।
29 किश्तों में 18,805.83 करोड़ रुपये का भुगतान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मजबूत पहल बन चुकी है। उन्होंने बताया कि 29वीं किस्त के भुगतान के साथ अब तक योजना के माध्यम से कुल 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
स्वरोजगार और परिवार की जरूरतों में मिल रहा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली मासिक सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। कई महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, जबकि अनेक परिवार बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में इसका उपयोग कर रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवारों को भी नियमित सहयोग मिल रहा है।
ई-केवाईसी जल्द पूरी करने के निर्देश
राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना के साथ महिलाओं की आय बढ़ाने वाली अन्य योजनाओं पर भी जोर दिया है। इसी क्रम में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कर सभी पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर बल दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे।
हर महीने मिलती है ₹1,000 की सहायता
महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से पूरे छत्तीसगढ़ में लागू है। इसके तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल उपलब्ध कराना, परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा देना है।




