हैरी ब्रूक ने जो रूट की तारीफ में बांधे पुल, बोले- उनसे हर खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है
भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में 99 रन की नाबाद पारी खेलकर इंग्लैंड को जीत दिलाने वाले जो रूट की कप्तान हैरी ब्रूक ने जमकर सराहना की। ब्रूक ने रूट की स्ट्राइक रोटेशन क्षमता और दबाव में बल्लेबाजी को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। इस मुकाबले में अनुभवी बल्लेबाज जो रूट जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने दबाव भरे मुकाबले में नाबाद 99 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया और एक बार फिर अपनी मैच जिताने वाली क्षमता का परिचय दिया।
गेंदबाजों की वापसी को बताया जीत की नींव
मैच के बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने टीम के गेंदबाजों की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि एक समय भारत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा था, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। शुरुआती 30 ओवरों के बाद भारत का स्कोर मजबूत था, लेकिन इसके बाद गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। ब्रूक ने विशेष रूप से मध्य और अंतिम ओवरों में की गई गेंदबाजी को जीत की अहम वजह बताया।
जो रूट की बल्लेबाजी को बताया प्रेरणा
हैरी ब्रूक ने जो रूट की बल्लेबाजी की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिनसे हर क्रिकेटर को सीखने का मौका मिलता है। उनके अनुसार रूट केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर टीम को संभालना और जरूरत के समय बड़ी पारी खेलना उनकी सबसे बड़ी विशेषता है।
स्ट्राइक रोटेशन की कला में माहिर हैं रूट
ब्रूक ने कहा कि जो रूट वर्षों से स्ट्राइक रोटेट करने की कला में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने याद दिलाया कि रूट ने एक बार बेहद कम चौकों के बावजूद शतक बनाया था, जो उनकी समझदारी और मैच की परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने की क्षमता को दर्शाता है। उनका मानना है कि युवा बल्लेबाजों को रूट से रन बनाने के साथ-साथ पारी को आगे बढ़ाने की कला भी सीखनी चाहिए।
99 रन की नाबाद पारी से दिलाई जीत
234 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए। ऐसे समय में जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए सैम करन, जोस बटलर और विल जैक्स के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां निभाईं। उन्होंने नाबाद 99 रन की पारी में नौ चौके लगाए और टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। हालांकि वह अपने शतक से केवल एक रन दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी ने इंग्लैंड की सीरीज में शानदार वापसी सुनिश्चित कर दी।




