लखनऊ में ICAR का विशेष आयोजन, किसानों को आधुनिक खेती और गन्ना उत्पादन बढ़ाने की मिली सीख
लखनऊ में ICAR के 98वें स्थापना दिवस पर किसानों को उन्नत खेती, गन्ना उत्पादन, रोग प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में कृषि सामग्री वितरण और पौधरोपण अभियान भी आयोजित हुआ।
लखनऊ. भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर किसानों के लिए प्रशिक्षण सत्र, कृषि सामग्री वितरण और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और किसानों के संयुक्त प्रयासों से भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है और कृषि उत्पादों के निर्यात में भी लगातार प्रगति कर रहा है।
जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती पर दिया गया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली और रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी फसल किस्मों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से ऐसी नई तकनीक और किस्में विकसित करने का आग्रह किया, जो बदलती परिस्थितियों में भी किसानों को बेहतर उत्पादन दिला सकें।
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों पर बल
विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य बताते हुए किसानों की मेहनत और वैज्ञानिक तकनीकों की सराहना की। उन्होंने प्रति हेक्टेयर 115 टन गन्ना उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए आधुनिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीज किस्मों और वैज्ञानिक सलाह को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि तकनीक आधारित खेती से उत्पादन और किसानों की आय दोनों में वृद्धि संभव है।
वैज्ञानिकों ने साझा किए उन्नत खेती के उपाय
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों को गन्ने की उन्नत खेती, रोग प्रबंधन, फसल संरक्षण और उत्पादकता बढ़ाने से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी दी। किसानों के बीच उन्नत बीज किस्मों सहित विभिन्न कृषि सामग्री का वितरण भी किया गया, ताकि आधुनिक कृषि पद्धतियों को खेतों तक पहुंचाया जा सके।
पौधरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आयोजन के तहत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में अतिथियों, वैज्ञानिकों और किसानों ने मिलकर पौधरोपण किया। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों से जोड़ना, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना और कृषि क्षेत्र में नवाचार के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है।




