इंदौर में हरियाली का महाअभियान, 21 लाख पौधारोपण और 51 हजार जल संचयन इकाइयों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 21 लाख पौधारोपण और 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों के महाअभियान का शुभारंभ किया। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया।
इंदौर. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रकृति ही जीवन का आधार है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और प्राणवायु का स्थायी प्रबंध करने का जनआंदोलन है। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता के संरक्षण को पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद आवश्यक बताया।
21 लाख पौधारोपण और 51 हजार जल संचयन इकाइयों का शुभारंभ
इंदौर जिले के ग्राम बुढ़ानिया स्थित बीएसएफ परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपनी माता की स्मृति में संतरे का पौधा लगाकर जिले में 21 लाख पौधारोपण और 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों के निर्माण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और पंचमहाभूतों का विशेष महत्व है तथा जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन में समाज की भागीदारी सबसे बड़ी ताकत है।
सामाजिक संस्थाओं और जवानों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और जल संचयन में सहयोग देने वाली सामाजिक संस्था ‘पृथ्वी’ को प्रोत्साहन स्वरूप दो लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सीमा सुरक्षा बल के दो जवानों को भी दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
जल संरक्षण में इंदौर बना प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर की विरासत से प्रेरणा लेते हुए प्रदेश में कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों के संरक्षण का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर देशभर के लिए एक मिसाल पेश की है। बदलती जलवायु और अल नीनो जैसी चुनौतियों के बीच पौधारोपण और जल संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में इंदौर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर हर बड़े अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए जाना जाता है। इस वर्ष भी बड़े आकार के पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि कम समय में हरियाली का विस्तार हो सके। उन्होंने बताया कि अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही एक लाख से अधिक वन प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। अमृत हरित महोत्सव-2026 के तहत जिले में 21 लाख पौधारोपण का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
जनभागीदारी से बनेगा पर्यावरण संरक्षण का मॉडल
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और नगर प्रशासन ने भी जल संरक्षण और पौधारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प दोहराया। इंदौर में वर्षा जल संचयन के लिए निर्धारित 51 हजार इकाइयों के लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य जारी है और हजारों इकाइयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। जनसहभागिता के साथ चल रहे ये अभियान इंदौर को हरित और जल-संपन्न शहर बनाने की दिशा में नई पहचान दिला रहे हैं।




