छत्तीसगढ़

CG Health Update: डॉक्टरों की मांगों पर सरकार का बड़ा संकेत, स्टाइपेंड बढ़ाने और बॉन्ड नियमों में बदलाव संभव

छत्तीसगढ़ में मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों को बड़ी राहत मिलने के संकेत हैं। UG बॉन्ड समाप्त करने, PG बॉन्ड एक वर्ष करने, स्टाइपेंड बढ़ाने और प्रॉपर्टी मॉर्गेज नियम में बदलाव पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया।

रायपुर. रायपुर में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों को विस्तार से रखा। बैठक में जूनियर डॉक्टरों, पीजी रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और एमबीबीएस इंटर्न्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जिन विषयों पर त्वरित निर्णय संभव है, उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

UG बॉन्ड खत्म करने और PG बॉन्ड घटाने की तैयारी

बैठक का सबसे अहम विषय एमबीबीएस छात्रों पर लागू UG बॉन्ड रहा। सरकार ने संकेत दिए कि अगले शैक्षणिक सत्र से UG बॉन्ड समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, PG बॉन्ड की अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष किए जाने पर भी सहमति बनी है। इस बदलाव के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की बात कही गई।

प्रॉपर्टी मॉर्गेज नियम में भी मिल सकती है राहत

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के दौरान संपत्ति बंधक (प्रॉपर्टी मॉर्गेज) की अनिवार्यता समाप्त करने पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो MBBS और PG पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हो सकती है।

स्टाइपेंड बढ़ाने पर सरकार का सकारात्मक रुख

बैठक में एमबीबीएस इंटर्न्स, पीजी रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे मेडिकल विद्यार्थियों और रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए यह महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

17 सूत्रीय मांगों पर चरणबद्ध कार्रवाई का भरोसा

JDA ने सेवा शर्तों, प्रशिक्षण व्यवस्था, बॉन्ड नीति, स्टाइपेंड, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक सुधारों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगें सरकार के सामने रखीं। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी बिंदुओं की समीक्षा कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इससे प्रदेश के मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलावों की संभावना बढ़ गई है।

JDA ने जताई उम्मीद, अधिकारों की लड़ाई रहेगी जारी

बैठक के बाद JDA छत्तीसगढ़ ने सरकार के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि मेडिकल विद्यार्थियों, इंटर्न्स और रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े लंबित मुद्दों पर जल्द ठोस निर्णय होंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि सभी 17 मांगों के समाधान तक वह चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों के हितों की आवाज उठाता रहेगा।

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