बिलासपुर में केंद्रीय टीम का दौरा, वीबी-जीरामजी योजना और जल संरक्षण कार्यों की हुई समीक्षा
बिलासपुर में केंद्रीय अधिकारियों ने वीबी-जीरामजी योजना, प्रोजेक्ट उन्नति और जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान क्यूआर कोड के माध्यम से विकास कार्यों का सत्यापन किया गया और रोजगार व जल संरक्षण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बिलासपुर. बिलासपुर जिले के बिल्हा और कोटा क्षेत्र में भारत सरकार की केंद्रीय टीम ने विभिन्न विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने वीबी-जीरामजी योजना, प्रोजेक्ट उन्नति और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य विकास कार्यों की गुणवत्ता और लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच का मूल्यांकन करना था।
क्यूआर कोड से किया डिजिटल रिकॉर्ड का सत्यापन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यस्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड और मौके पर किए गए कार्यों का मिलान किया। इस प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं में पारदर्शिता और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित अमले से कार्यों की प्रगति और रिकॉर्ड संधारण की जानकारी प्राप्त की।
प्रोजेक्ट उन्नति के तहत प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा
केंद्रीय टीम ने एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में संचालित प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी अवलोकन किया। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध हो रहे रोजगार के अवसरों और कौशल विकास कार्यक्रमों के अनुभवों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा देने वाली पहल की सराहना की।
जल संरक्षण कार्यों का किया निरीक्षण
दौरे के दौरान टीम ने पटैता, धनरास और करगीकला क्षेत्रों में तालाब निर्माण, पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार और मिनी परकोलेशन टैंक जैसे जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इन परियोजनाओं की उपयोगिता और स्थानीय स्तर पर जल संसाधनों के संरक्षण में उनकी भूमिका का मूल्यांकन किया।
महिला श्रमिकों को योजनाओं की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान महिला श्रमिकों को वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत उपलब्ध रोजगार अवसरों और निर्धारित मजदूरी संबंधी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। दौरे के समापन पर केंद्रीय अधिकारियों और जिला पंचायत के प्रतिनिधियों ने कार्यस्थल पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।




