सीसी रोड नहीं बनी, शिकायत पहुंची सीएम हेल्पलाइन तक, पंचायत सचिव तत्काल निलंबित
मुंगेली जिले के ग्राम सिलदहा में सीसी रोड निर्माण और जल निकासी में लापरवाही की शिकायत पर सीएम हेल्पलाइन के जरिए कार्रवाई हुई। जांच में शिकायत सही मिलने पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया।
मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सिलदहा के पंचायत सचिव भूपत राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामला सीसी रोड निर्माण और जल निकासी व्यवस्था में कथित लापरवाही से जुड़ा था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ग्राम सिलदहा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि स्वीकृत सीसी रोड का निर्माण नहीं कराया गया है। साथ ही जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में शिकायत सही मिलने पर निलंबन
कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर जिला पंचायत स्तर से मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि स्वीकृत कार्य समय पर पूरा नहीं किया गया और उच्च अधिकारियों के निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया। इसके आधार पर पंचायत सेवा नियमों के तहत सचिव को गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत पथरिया निर्धारित किया गया है और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया
प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए ग्राम पंचायत बेलखुरी के पंचायत सचिव खांडेराम जांगड़े को ग्राम पंचायत सिलदहा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे पंचायत के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों को नियमित रूप से जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों और शासन के बीच भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील तरीके से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों की अनदेखी, लापरवाही या आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




