भिलाई स्टील प्लांट का बड़ा कदम, सेक्टर-6 के आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज
भिलाई स्टील प्लांट में केंद्र की मोनेटाइजेशन नीति के तहत सेक्टर-6 के आवास सबसे पहले खाली कराए जाएंगे। जर्जर भवनों को हटाकर नई योजना पर काम होगा। लाइसेंसधारियों और लीजधारियों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) ने केंद्र सरकार की मोनेटाइजेशन नीति के तहत सेक्टर-6 के आवासों को प्राथमिकता के आधार पर खाली कराने की तैयारी तेज कर दी है। प्रबंधन का लक्ष्य जर्जर और अनुपयोगी आवासों को पूरी तरह हटाकर क्षेत्र का पुनर्विकास करना है। आवास खाली होने के बाद पूरे इलाके की आगे की योजना नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन की सलाह के अनुरूप तैयार की जाएगी।
सेक्टर-6 को सबसे पहले चुनने की वजह
बीएसपी प्रबंधन का मानना है कि सेक्टर-6 में सबसे अधिक भवन अनफिट घोषित हो चुके हैं, इसलिए यहां कार्रवाई अपेक्षाकृत आसान रहेगी। कई भवन समय के साथ स्वयं क्षतिग्रस्त होकर गिर चुके हैं, जबकि कई ब्लॉकों को पहले ही हटाया जा चुका है। कुछ जर्जर भवनों में अभी भी सीमित संख्या में आवंटी रहने के कारण उन्हें पूरी तरह डिसमेंटल नहीं किया जा सका है। इसी तरह सेक्टर-7 और हॉस्पिटल सेक्टर के कई पुराने आवास भी लंबे समय से अनुपयोगी घोषित हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई जा रही है।
रिटायर्ड लाइसेंसधारियों पर कार्रवाई होगी तेज
नगर सेवाएं विभाग ने बीएसपी से सेवानिवृत्त लाइसेंसधारियों के आवासों का नवीनीकरण बंद कर दिया है। सेक्टर-6 में ऐसे 840 लाइसेंसधारी हैं। जिनकी लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें बकाया राशि जमा कर आवास खाली करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। निर्धारित समय के भीतर आवास खाली नहीं करने पर प्रशासनिक कार्रवाई के तहत बेदखली की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
लीजधारियों को दूसरे सेक्टरों में मिलेगा विकल्प
सेक्टर-6 के जर्जर भवनों में रहने वाले 347 लीजधारियों को अन्य सेक्टरों में वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। प्रबंधन उनकी काउंसिलिंग कर बेहतर विकल्प देने की कोशिश कर रहा है। कई लीजधारी पहले ही दूसरे सेक्टरों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि शेष आवंटियों का पुनर्वास जल्द पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
थर्ड पार्टी आवंटियों को भी करना होगा आवास खाली
सेक्टर-6 में लगभग 340 थर्ड पार्टी लाइसेंसधारी भी रह रहे हैं। इनका लाइसेंस नवीनीकरण भी रोक दिया गया है और उन्हें आवास खाली करने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रबंधन का मानना है कि इन आवंटियों को हटाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल होगी। आने वाले समय में सेक्टर-6 को पूरी तरह खाली कराकर जर्जर भवनों को हटाने और पुनर्विकास की दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाया जाएगा।




