बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मिली नई रफ्तार, बाल विवाह रोकने के लिए छात्राओं को किया जागरूक
सूरजपुर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत छात्राओं को बाल विवाह कानून, महिला सुरक्षा, सेफ टच-अनसेफ टच, कानूनी अधिकार, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और सखी वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं की जानकारी दी गई।
प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के साथ-साथ किशोरियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा संबंधी विषयों के प्रति जागरूक बनाना रहा।
बाल विवाह कानून से लेकर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर दिया गया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, सेफ टच और अनसेफ टच, नशे से बचाव, किशोर न्याय अधिनियम, यातायात नियमों तथा मासिक धर्म स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना कानूनन दंडनीय अपराध है। साथ ही किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर देने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला सुरक्षा और कानूनी सहायता की सुविधाओं से कराया परिचय
छात्राओं को सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं, महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों, कानूनी सहायता और परामर्श सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में उन्हें शिक्षा जारी रखने, आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की रक्षा करने और किसी भी समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन या संबंधित संस्थाओं से तुरंत सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनजागरूकता, शिक्षा और सामूहिक भागीदारी सबसे प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।




