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अली खामेनेई के जनाजे में भावुक हुए तीन बेटे, लेकिन सुप्रीम लीडर मोजतबा की गैरमौजूदगी ने बढ़ा दी चिंता!

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दिखे तीन बेटे, लेकिन नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चिंता। जानें क्या है वजह।

तेहरान: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देश और दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित प्रार्थना सभा में लाखों की भीड़ के बीच एक बेहद भावुक तस्वीर सामने आई, जब खामेनेई के तीन बेटे (मुस्तफा, मसूद और मेसम) अपने पिता के ताबूत के पीछे खड़े दिखाई दिए। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद यह पहला मौका है जब तीनों भाई सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए हैं। हालांकि, इस पूरे आयोजन से खामेनेई के दूसरे बेटे और वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरानी झंडे और काली पगड़ी में लिपटा ताबूत; उमड़ा जनसैलाब

सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में अली खामेनेई का ताबूत ईरानी झंडे में लिपटा नजर आया, जिसके ऊपर उनकी पहचान रही काली पगड़ी रखी गई थी। इसे फरवरी में इजरायली हमलों में मारे गए परिवार के चार अन्य सदस्यों (जिसमें खामेनेई की नाबालिग पोती भी शामिल थी) के ताबूतों के साथ रखा गया था। इस नमाज-ए-जनाजा में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी समेत तमाम शीर्ष नेता शामिल हुए। अधिकारियों का अनुमान है कि पूरे देश में होने वाले शोक समारोहों में करीब एक करोड़ से अधिक लोग जुटेंगे।

सुप्रीम लीडर मोजतबा की गैरमौजूदगी क्यों बढ़ा रही है चिंता?

मार्च में अपने पिता की मृत्यु के बाद मोजतबा खामेनेई ने ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभाला था, लेकिन तब से वे न तो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे हैं और न ही उनका कोई बयान आया है। दरअसल, फरवरी में हुए इजरायली हमले में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पैरों और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। सुरक्षा कारणों और इजरायली खुफिया एजेंसियों के संभावित खतरे को देखते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।

7 दिन का राष्ट्रीय शोक, 9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक

ईरान ने अपने पूर्व सर्वोच्च नेता के सम्मान में सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। साल 1989 से देश का नेतृत्व करने वाले 86 वर्षीय अली खामेनेई की मौत इजरायली हवाई हमले के बाद हुई थी। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को तेहरान की सड़कों पर अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। इसके बाद ताबूत को इराक के प्रमुख शिया तीर्थ स्थलों पर भी ले जाने की योजना है। अंततः 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा तीर्थ में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया जाएगा।

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