मध्य प्रदेश

एक्सपायरी शराब मामले में बड़ा एक्शन: मुरैना के आबकारी अधिकारी सस्पेंड, सरकारी दुकानों पर भेजी थी 260 पेटी मदिरा

मुरैना में सरकारी दुकानों पर एक्सपायरी डेट की 260 पेटी देशी शराब भेजने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर को सस्पेंड कर दिया गया है।

मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक्सपायरी डेट की देशी शराब को सरकारी दुकानों तक पहुंचाने के गंभीर मामले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य आबकारी आयुक्त ने जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्वालियर निर्धारित किया गया है। यह बड़ी कार्रवाई मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

आबकारी अधिकारी के ‘डिजिटल साइन’ से जारी हुई थी खेप

मिली जानकारी के अनुसार, बीते 18 जून को सरकारी मदिरा भंडारण गृह से एक्सपायरी डेट की 260 पेटी देशी शराब बिक्री के लिए विभिन्न सरकारी दुकानों पर सप्लाई की गई थी। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह पूरी खेप जिला आबकारी अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर (Digital Sign) से जारी की गई थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।

डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में बनी जांच कमेटी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने डिप्टी कलेक्टर प्रतिज्ञा शर्मा के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच दल का गठन किया। इस टीम ने बारीकी से पड़ताल की:

  • दस्तावेजों की जांच: टीम ने डी-12, डी-17, डी-18 और डी-21 परमिट फाइलों का मिलान किया।
  • पोर्टल वेरिफिकेशन: आबकारी विभाग के ऑफिशियल पोर्टल पर दर्ज मदिरा स्टॉक का विस्तृत परीक्षण किया गया।

जांच में साफ तौर पर पुष्टि हुई कि एक्सपायरी शराब की आपूर्ति में गंभीर लापरवाही बरती गई थी और इसके लिए सीधे तौर पर जिला आबकारी अधिकारी ही जवाबदेह हैं।

कड़ा संदेश: उपभोक्ताओं की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जांच दल ने 24 जून को अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी थी। रिपोर्ट में लापरवाही प्रमाणित होने के बाद कलेक्टर ने बिना देरी किए तत्काल प्रतिवेदन आबकारी आयुक्त को भेज दिया, जिसके बाद रविवार को निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए।

मामले से जुड़े मुख्य बिंदु प्रशासनिक एक्शन
लापरवाही की तारीख: 18 जून जांच रिपोर्ट सौंपी गई: 24 जून
कुल अवैध खेप: 260 पेटी एक्सपायरी शराब आरोपी अधिकारी: जितेंद्र सिंह गुर्जर (सस्पेंड)

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब प्रदेश में शराब की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले को एक गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया है और आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच और भी आगे बढ़ाई जा सकती है।

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