Coal India का महाप्लान: 2029-30 तक R&D पर खर्च करेगी ₹1,900 करोड़; प्रदूषण घटाने और 5G तकनीक पर जोर!
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) खदानों की उत्पादकता बढ़ाने और उत्सर्जन घटाने के लिए वित्त वर्ष 2029-30 तक R&D पर ₹1,900 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करेगी। जानें क्या है कंपनी का प्लान।
नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने भारतीय कोयला क्षेत्र को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। कंपनी खदानों की उत्पादकता (Productivity) बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2029-30 तक शोध एवं विकास (R&D) गतिविधियों पर करीब 1,900 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रही है। मंगलवार को कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस पहल के तहत स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों (Clean Coal Technologies) का व्यावसायीकरण किया जाएगा और बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के अनुरूप वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों की तलाश की जाएगी।
आरएंडडी (R&D) खर्च में 4 गुना का रिकॉर्ड उछाल
बीएसई (BSE) को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में ‘राष्ट्रीय कोयला एवं ऊर्जा अनुसंधान केंद्र’ की स्थापना के साथ ही कोल इंडिया की आरएंडडी गतिविधियों को एक नई और तेज रफ्तार मिली है।
अब कंपनी केवल कागजी अवधारणा (Proof of Concept) तक सीमित न रहकर ‘टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल’ (TRL)-4 और उससे ऊपर के एडवांस लेवल के प्रोटोटाइप विकसित करने पर अपना पूरा फोकस कर रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का रिसर्च पर खर्च बेहद तेजी से बढ़ा है:
- वित्त वर्ष 2023-24 में खर्च: ₹61 करोड़
- वित्त वर्ष 2024-25 में खर्च: ₹245 करोड़ (लगभग 4 गुना की बढ़ोतरी)
खदानों में 5G और विदेशी कंपनियों के साथ इंटरनेशनल कोलैबोरेशन
कोल इंडिया भारतीय खदानों को हाई-टेक बनाने के लिए दुनिया की दिग्गज संस्थाओं और कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके तहत कई अंतरराष्ट्रीय समझौते किए गए हैं:
- कनाडा (Ergo Exergy): ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) में ‘भूमिगत कोयला गैसीकरण परियोजना’ पर काम चल रहा है।
- स्वीडन (Ericsson): झांझरा भूमिगत खदान में माइनिंग ऑपरेशन्स को एडवांस बनाने के लिए 5G प्रौद्योगिकी (5G Technology) को लागू किया जा रहा है।
- ऑस्ट्रेलिया (CSIRO): इसके साथ मिलकर संयुक्त अनुसंधान (Joint Research) को आगे बढ़ाया जा रहा है।
देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ है ‘कोल इंडिया’
महत्वपूर्ण तथ्य: भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में कोल इंडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान में देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में अकेले कोल इंडिया (CIL) की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से भी अधिक है। ऐसे में कंपनी द्वारा किया जा रहा यह अत्याधुनिक निवेश न सिर्फ कोयला उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने में भी गेमचेंजर साबित होगा।




