सिंहस्थ 2028 की महातैयारी: 40 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान, ₹25,000 करोड़ से संवर रही महाकाल की नगरी
उज्जैन सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव ने मेगा प्लान का एलान किया है। ₹25,000 करोड़ के विकास कार्यों और एआई-कमांड सेंटर की पूरी डिटेल पढ़ें।
भोपाल/उज्जयिनी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर 12 साल में होने वाला सिंहस्थ सिर्फ भारत का ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महासंगम है। उज्जैन में आयोजित ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प’ कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम ने एलान किया कि सिंहस्थ 2028 को एक नए, भव्य और दिव्य प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। इस महाआयोजन में देश-विदेश से लगभग 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के उज्जैन आने का अनुमान है, जिसके लिए सरकार अभी से युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुट गई है।
₹25,000 करोड़ से बदलेगी उज्जैन की सूरत: सम्राट विक्रमादित्य काल का वैभव लौटेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन और उसके आस-पास के जिलों में वर्तमान में ₹25,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर उज्जयिनी अपने प्राचीन और ऐतिहासिक गौरव को पुनः प्राप्त करेगी। सीएम डॉ. यादव ने महाआयोजन के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की:
- शिप्रा नदी पर 29 किमी लंबे नए घाट: मां शिप्रा के दोनों तटों पर ₹778 करोड़ की लागत से 29 किलोमीटर से अधिक लंबे नए पक्के घाट बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही ₹120 करोड़ की लागत से मौजूदा घाटों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे 24 घंटे में करीब 4 करोड़ लोग अमृत स्नान कर सकेंगे।
- 6-लेन और 4-लेन सड़कों का महाजाल: उज्जैन को इंदौर, जावरा, झालावाड़, मक्सी और गरोठ से जोड़ने के लिए वर्ल्ड क्लास सड़कों का निर्माण हो रहा है। अकेले उज्जैन-इंदौर 6-लेन सड़क का काम लगभग पूरा हो चुका है।
- हवाई अड्डा और आधुनिक हेलीपैड: दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन-देवास रोड पर 457 एकड़ भूमि पर नए हवाई अड्डे (Airport) का निर्माण किया जा रहा है, जबकि सदावल में 4 आधुनिक हेलीपैड भी तैयार हो रहे हैं।
एआई (AI) और डिजिटल तकनीक से होगी ‘रियल टाइम’ निगरानी
सिंहस्थ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि ₹139 करोड़ की लागत से एक केंद्रीय डिजिटल कमांड सेंटर विकसित किया जा रहा है। यह सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, रीयल-टाइम सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन आपदा प्रबंधन का जिम्मा संभालेगा। इसके अलावा, आंतरिक रास्तों पर जाम न लगे, इसके लिए नदी और रेलवे लाइनों पर 22 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
रेलवे का कायाकल्प: चलेंगी 236 स्पेशल ट्रेनें
श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से उज्जैन सहित 7 नजदीकी रेलवे स्टेशनों (उज्जैन, नई खेड़ी, चिंतामन, पंवासा, मोहनपुरा, पिंगलेश्वर और विक्रम नगर) का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान यात्रियों के लिए 236 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
संकल्प हमारा: “स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ” के मूल मंत्र के साथ पूरी प्रशासनिक टीम, जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी संगठन एक टीम की तरह काम कर रहे हैं। जल्द ही इसके सफल संचालन के लिए विभिन्न उच्च स्तरीय समितियों का गठन भी किया जाएगा।




