मध्य प्रदेश

ED Raid in MP: पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के ठिकानों पर ED की छापेमारी, तेंदूखेड़ा-देवरी में रिकॉर्ड खंगाले

नरसिंहपुर में फर्जी टोल वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। तेंदूखेड़ा और देवरी में भी जांच जारी है।

नरसिंहपुर। नरसिंहपुर में पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े परिसरों पर ED ने छापेमारी की है। तेंदूखेड़ा और देवरी समेत कई ठिकानों पर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। कार्रवाई कथित फर्जी टोल वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी बताई जा रही है।

नरसिंहपुर में ED की बड़ी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। फर्जी टोल वसूली से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत ED की टीम ने पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े बताए जा रहे परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। तेंदूखेड़ा और देवरी में भी अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

कई वाहनों से पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आई ED की टीम कई वाहनों के काफिले के साथ नरसिंहपुर पहुंची। अधिकारियों ने नरसिंहपुर हाईवे स्थित कार्यालय समेत जिले में मौजूद कुछ अन्य परिसरों में जांच शुरू की। तलाशी के दौरान कार्यालयों में रखे दस्तावेज, रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की पड़ताल की जा रही है।

कारोबारी के ठिकाने पर भी जांच

तेंदूखेड़ा राजमार्ग क्षेत्र में शराब कारोबारी रामलाल झारिया के ठिकाने पर भी ED की कार्रवाई की सूचना है। झारिया को संजय शर्मा का करीबी बताया जाता रहा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।

फर्जी टोल वसूली मामले से जुड़ी जांच

ED की यह कार्रवाई NHAI के टोल प्लाजा पर कथित फर्जी टोल वसूली और रकम को दूसरी जगह डायवर्ट किए जाने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बताई जा रही है। जांच एजेंसी ने PMLA की धारा 17 के तहत एक साथ कई परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया है।

अनधिकृत सॉफ्टवेयर से फर्जी रसीदों का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, टोल वसूली में कथित तौर पर अनधिकृत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इस माध्यम से ऐसी टोल रसीदें तैयार की गईं, जिनका रिकॉर्ड NHAI की आधिकारिक अकाउंटिंग व्यवस्था में दर्ज नहीं हुआ। ED फर्जी रसीदों के जरिए रकम के कथित डायवर्जन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जुटाए जा रहे

तलाशी के दौरान ED अधिकारी दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े संभावित साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। फॉरेंसिक जांच और NHAI के रिकॉर्ड के आधार पर कथित अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े थे और कथित अपराध से हासिल रकम कहां गई।

कई राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन

ED की कार्रवाई मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर परिसरों की तलाशी ले रही हैं। कार्रवाई का उद्देश्य कथित टोल फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी को खंगालना है।

FIR और ECIR के आधार पर जांच

मामले की जांच 22 जनवरी 2025 को दर्ज FIR संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ECIR संख्या ECIR/ASZO/04/2025 के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। ED अब कथित टोल घोटाले से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा हाईवे भी जांच के दायरे में

जांच के केंद्र में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर टोल वसूली से जुड़ी कथित अनियमितताएं भी बताई जा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मार्ग की टोल वसूली से जुड़ी कंपनी का संबंध संजय शर्मा से बताया जा रहा है। ED इसी कड़ी में संबंधित रिकॉर्ड और वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।

संजय शर्मा की राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजर

इसी बीच, संजय शर्मा को लेकर एक और राजनीतिक जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जुड़ी अहम जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। ED की कार्रवाई के दौरान मौके पर CRPF के जवानों की मौजूदगी की भी जानकारी है, जबकि स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की विस्तृत जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है।

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