उत्तर प्रदेशराज्य

माघ स्नान का शुभ समय: दूसरा स्नान कब और क्यों है खास

प्रयागराज माघ मेले में 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर दूसरा पावन स्नान होगा। जानें त्रिवेणी संगम स्नान का शुभ मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त का समय।

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेला पूरे श्रद्धा-भाव के साथ चल रहा है। देशभर से आए कल्पवासी और श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा को संपन्न हुआ था, जबकि अब मकर संक्रांति के पावन पर्व पर दूसरा स्नान किया जाएगा।

मकर संक्रांति का विशेष महत्व

साल की सभी संक्रांतियों में मकर संक्रांति का विशेष स्थान है। इस दिन सूर्यदेव अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं और सूर्य उत्तरायण होते हैं—जिसे देवताओं का समय और शुभ काल माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माघ मेले में मकर संक्रांति पर गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने से हजारों यज्ञों के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।

14 जनवरी को होगा दूसरा पावन स्नान

इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इसी दिन माघ मेले का दूसरा पावन स्नान होगा। खास बात यह है कि इस दिन षटतिला एकादशी का व्रत भी पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का यह संयोग 23 साल बाद बन रहा है, जिससे इस स्नान का महत्व दोगुना हो गया है। प्रशासन के अनुसार, इस अवसर पर करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है।

मकर संक्रांति स्नान का शुभ मुहूर्त

  • पुण्य काल: दोपहर 3:13 बजे से 5:45 बजे तक (कुल 2 घंटे 32 मिनट)
  • महा पुण्य काल: दोपहर 3:13 बजे से 4:58 बजे तक (कुल 1 घंटे 45 मिनट)
  • इन अवधियों में माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान विशेष फलदायी माना गया है।

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का फल

शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान से अत्यंत पुण्य फल प्राप्त होते हैं। इस बार मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक रहेगा।

INE Desk

हम देश और दुनिया की हर बड़ी घटना को बिना किसी लाग-लपेट के, सटीक और तेजी से आप तक पहुंचाते हैं। हमारी टीम सच्चाई के लिए प्रतिबद्ध है और गहन विश्लेषण के साथ हर कोने से समाचार लाती है। चाहे राजनीति हो, व्यापार, खेल, मनोरंजन या टेक्नोलॉजी, हमारा उद्देश्य है कि आप हर विषय पर अपडेट रहें। हम गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता में विश्वास करते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button