राष्ट्रीय

48 घंटों के अंदर दूसरी बार पीएम नरेंद्र मोदी से मिले अजित डोभाल, हुई मीटिंग

नई दिल्ली
पीएम नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने मंगलवार सुबह ही मुलाकात की। उनकी बीते 48 घंटों के अंदर दूसरी बार पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग हुई है। पाकिस्तान के साथ जिस तरह से फिलहाल तनावपूर्ण स्थिति है, उसे देखते हुए यह अहम मुलाकात है। भारत सरकार ने देश भर में 7 मई को मॉक ड्रिल करने को कहा है। यह ड्रिल हर जिलों में की जाएगी और इस दौरान लोगों को बताया जाएगा कि किसी भी तरह की हमले की स्थिति में क्या जाना चाहिए। कैसे लोग अपनी और बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों की जान बचा सकते हैं। 1971 के बाद यह पहला मौका होगा, जब इस तरह से मॉक ड्रिल की जाएगी। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत को लेकर ऐसी तैयारी कराई जा रही है कि आम नागरिक संकट में बच सकें।

अजित डोभाल के अलावा पीएम नरेंद्र मोदी की कई बार डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात हो चुकी है। इन मुलाकातों के सिलसिले इतने तेज हैं कि अकसर कयास लगते रहते हैं कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है। यही नहीं पाकिस्तान के तो डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ समेत कई नेता लगातार अलर्ट मोड में है। ख्वाजा आसिफ ने बार फिर कहा है कि एलओसी पर कभी भी भारत की ओर से हमला किया जा सकता है। यही नहीं पाकिस्तान ने तो अब आईएसआई चीफ आसिम मलिक को ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बना दिया है।

दरअसल पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने कूटनीतिक ऐक्शन भी लिया है। ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस समेत कई देशों के राजदूतों को बुलाकर भारत ने बताया है कि पहलगाम आतंकी हमला किसने कराया और उसकी क्य़ा तैयारी है। यही नहीं जब पाकिस्तान ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया तो वहां भी उसे तंज झेलने पड़े। किसी भी सदस्य ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। इसकी बजाय यह और पूछ लिया कि इस हमले में कहीं उसके यहां से ऐक्टिव लश्कर-ए-तैयबा का हाथ तो नहीं है। इस सवाल पर पाकिस्तान बगलें झांकने लगा। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। खूंखार आतंकियों ने 22 अप्रैल को किए इस हमले में कई लोगों का धर्म पूछा था और फिर उन्हें करीब से गोली मार दी।

इस हमले के बाद से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत सरकार ने 1960 से चले आ रहे सिंधु जल समझौते को रोक दिया है। यही नहीं करीब 10 पनबिजली परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है। यदि इन्हें पूरा कर लिया गया तो फिर पाकिस्तान को करारा झटका लगेगा और वहां पानी तक की किल्लत हो सकती है।

INE Desk

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