भोपाल नगर निगम का बड़ा एक्शन: टैक्स वसूली में ढिलाई पर 38 अफसरों का वेतन रोका, कुर्की की चेतावनी
भोपाल नगर निगम की सख्त कार्रवाई। राजस्व वसूली में लापरवाही पर 7 जोनल अधिकारियों और 31 वार्ड प्रभारियों की सैलरी रोकी गई। पढ़ें पूरी खबर।

भोपाल। राजस्व वसूली में ढिलाई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भोपाल नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने गुरुवार को अटल भवन स्थित मुख्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान 7 जोनल अधिकारियों (ZO) और 31 वार्ड प्रभारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई जोन क्रमांक 2, 3, 4, 5, 10, 15 और 17 के अधिकारियों पर की गई है।
वास्तविक क्षेत्रफल के आधार पर लगेगा टैक्स, कुर्की के आदेश
बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर की सभी संपत्तियों का निर्धारण उनके वास्तविक क्षेत्रफल के आधार पर किया जाए। जो संपत्तियां अब तक टैक्स के दायरे से बाहर हैं, उनकी नई प्रॉपर्टी आईडी बनाकर राजस्व बढ़ाया जाए। आयुक्त ने संपत्तिकर, जल प्रभार, लीज रेंट और बकायेदारों के खिलाफ कुर्की और तालाबंदी जैसी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, भवन अनुज्ञा के अनुरूप कर निर्धारण न करने वाले सहायक आयुक्तों व राजस्व अधिकारियों (मोहित नागर को छोड़कर) का वेतन रोकने के भी आदेश दिए गए हैं।
बैनर-पोस्टर और गंदगी पर लगेगा स्पॉट फाइन
शहर की सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अवैध बैनर-पोस्टर लगाने, दीवार लेखन करने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ स्पॉट फाइन वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। गंदी की गई दीवारों की पुताई का खर्च भी संबंधित लोगों से ही वसूला जाएगा। साथ ही 2,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले परिसरों को ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ के रूप में पंजीकृत करने, आवारा पशुओं को पकड़ने और भवन अनुज्ञा शुल्क से आय बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।




