थलापति विजय पूरा करेंगे एक और चुनावी वादा, 15 सितंबर से नवजातों को मिलेगी सोने की अंगूठी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने 15 सितंबर से नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया। करूर दौरे में भगदड़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर कई बड़े राजनीतिक बयान भी दिए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने अपने चुनावी वादों में शामिल एक और बड़ी योजना की शुरुआत की तारीख घोषित कर दी है। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर, पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर राज्य में नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने की योजना लॉन्च की जाएगी। विजय ने यह घोषणा करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात के दौरान की।
15 सितंबर से लागू होगी गोल्ड रिंग स्कीम
मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि सरकार नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी देने की योजना 15 सितंबर से शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह उनके चुनावी वादों का हिस्सा था और सरकार इसे तय समय पर लागू करने जा रही है।
करूर भगदड़ पीड़ितों से मिले, 32 परिवारों को सौंपे नियुक्ति पत्र
करूर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने 2025 की भगदड़ में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने 32 प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है।
‘पुलिस चाहती तो हादसा टल सकता था’
मुख्यमंत्री ने करूर भगदड़ को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यदि पुलिस समय रहते उचित सावधानी बरतती तो हालात को नियंत्रित किया जा सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि 2025 की रैली के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी। साथ ही उन्होंने राजनीतिक लाभ लेने की कोशिशों की भी आलोचना की।
डीएमके और एआईएडीएमके पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
विजय ने अपने संबोधन में डीएमके और एआईएडीएमके पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल पार्टी फंड के नाम पर भ्रष्टाचार करते रहे हैं। उन्होंने लोगों से पारदर्शी और जवाबदेह राजनीति का समर्थन करने की अपील की।
परिसीमन पर सरकार का स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि परिसीमन से तमिलनाडु के हित प्रभावित होते हैं तो उनकी सरकार इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आगामी उपचुनाव में मतदाताओं से डीएमके को सबक सिखाने की भी अपील की।
सुप्रीम कोर्ट ने नहीं रोका था करूर दौरा
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय पहली बार करूर पहुंचे। विपक्ष ने उनके दौरे पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दौरे को नियंत्रित करना कोर्ट का काम नहीं है। विजय ने भगदड़ में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।




