गुजरात-MP में बड़ा एंटी-टेरर एक्शन: जैश के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, दहलाने की थी साजिश
गुजरात एटीएस ने मध्य प्रदेश और गुजरात से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी 4 आईएसआई एजेंटों को दबोचा।
अहमदाबाद: देश में आतंकी साजिशों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़े ऑपरेशन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। एटीएस ने गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर जैश से जुड़े 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी गुजरात में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
इन धाराओं में केस दर्ज, आरोपियों के नाम आए सामने
गुजरात एटीएस के मुताबिक, पकड़े गए सभी 8 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 17, 18, 38, 39 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान अहमद गाज़ीवाला, इब्राहिम घाघा, मुदस्सिर गाजीवाला, जकारिया दुर्रानी, मुफ्ती फौज़ान, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल और बिलाल मोहम्मद के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राज्य में स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे थे।
दिल्ली में भी ISI समर्थित नेटवर्क का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
आतंक के खिलाफ यह एक्शन सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं है। इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI समर्थित एक बड़े टेरर और वेपन नेटवर्क को ध्वस्त किया था। पुलिस ने पंजाब और दिल्ली से 4 आरोपियों (शुभदीप सिंह, गुरजंत सिंह, साजन सिंह और गगनप्रीत) को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को दिल्ली के धार्मिक स्थलों और पुलिस थानों की रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया था।
विदेशी नंबरों से कॉलिंग और जिगाना पिस्तौल बरामद
जांच में सामने आया है कि दिल्ली से पकड़े गए आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ये आरोपी विदेशी वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक अत्याधुनिक जिगाना पिस्तौल, एक .30 बोर पिस्तौल, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, आईएसआई पंजाब के युवाओं को लालच देकर दिल्ली-एनसीआर में धमाके करने की साजिश रच रही थी।




