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JAC Board Special Exam: झारखंड में पहली बार होगी मैट्रिक-इंटर विशेष परीक्षा, JAC ने जारी किया शेड्यूल; आज से फॉर्म भरना शुरू!

JAC Board Board Exam 2026: झारखंड एकेडमिक काउंसिल पहली बार आयोजित करेगा मैट्रिक-इंटर विशेष परीक्षा। खिलाड़ियों और फेल छात्रों को मिलेगा मौका। जानें आवेदन की तारीखें और नियम।

रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने राज्य के स्कूली इतिहास में पहली बार मैट्रिक और इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए ‘विशेष परीक्षा’ आयोजित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। जैक ने साल 2026 की कंपार्टमेंटल, इंप्रूवमेंट और इस विशेष परीक्षा को लेकर आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस परीक्षा में वे छात्र शामिल हो सकेंगे जो 2026 की मुख्य परीक्षा में असफल रहे, जो अपने अंकों में सुधार (Improvement) चाहते हैं, या फिर जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा का आवेदन फॉर्म जमा करने से वंचित रह गए थे।

आखिर क्यों ली जा रही है विशेष परीक्षा? नेशनल प्लेयर्स को मिलेगा मौका

इस विशेष परीक्षा को आयोजित करने के पीछे एक बेहद सराहनीय वजह है। साल 2026 की मुख्य मैट्रिक-इंटर परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा था। झारखंड के कई होनहार छात्र अंडर-17 और अंडर-19 की राष्ट्रीय फुटबॉल व हॉकी टीम में चयन के कारण मुख्य परीक्षा नहीं दे पाए थे। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के निर्देश पर जैक इन प्रतिभावान खिलाड़ियों का साल बर्बाद होने से बचाने के लिए इस परीक्षा का आयोजन कर रहा है। इसके अलावा, इंप्रूवमेंट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए किसी भी विषय की बाध्यता नहीं होगी; वे अपनी मर्जी से किसी एक या सभी विषयों की परीक्षा दे सकते हैं।

आज से शुरू हुए आवेदन; जानें मैट्रिक और इंटर के फॉर्म भरने की आखिरी तारीख

इस परीक्षा के लिए छात्र जैक की आधिकारिक वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in पर जाकर स्कूल के पुराने यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • मैट्रिक परीक्षा (बिना विलंब शुल्क): 22 जून से 3 जुलाई 2026 तक
  • मैट्रिक परीक्षा (विलंब शुल्क के साथ): 4 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक
  • इंटर परीक्षा (बिना विलंब शुल्क): 25 जून से 7 जुलाई 2026 तक
  • इंटर परीक्षा (विलंब शुल्क के साथ): 8 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक

बता दें कि इस साल मैट्रिक में करीब 20 हजार और इंटर (विशेषकर विज्ञान संकाय में 15 हजार) में लगभग 26 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे, जिन्हें पास होने का यह एक और सुनहरा मौका मिला है।

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