अंतरराष्ट्रीय

UNGA 81 में भारत ने दुनिया के सामने रखा हेल्थ मॉडल, UHC से लेकर सिकल सेल मिशन तक गिनाईं उपलब्धियां

संयुक्त राष्ट्र महासभा 81 में भारत ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, हेपेटाइटिस उन्मूलन और सिकल सेल देखभाल को लेकर अपनी प्रगति साझा की। भारत ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ई-संजीवनी और राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन की उपलब्धियां बताईं।

न्यूयॉर्क। 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA 81) के दौरान आयोजित वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भारत ने सभी के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा किया। भारत ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, हेपेटाइटिस उन्मूलन और सिकल सेल बीमारी से निपटने के लिए चल रही पहलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।

1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से संबंधित बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने भारत में प्राथमिक से लेकर सेकेंडरी और टर्शियरी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डिजिटल हेल्थ नेटवर्क का विस्तार

भारत के डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 90 करोड़ से अधिक नागरिकों के पास यूनिक हेल्थ आईडी है। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की डिजिटल रजिस्ट्री जैसी व्यवस्थाओं को स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और पहुंच बेहतर बनाने से जोड़ा गया है।

ई-संजीवनी के माध्यम से अब तक 49.7 करोड़ से अधिक टेली-कंसल्टेशन उपलब्ध कराए जाने की बात भी साझा की गई। टेली-रेडियोलॉजी, एआई आधारित एक्स-रे और मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसी तकनीक आधारित सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उपयोगी बताया गया।

2030 तक हेपेटाइटिस उन्मूलन का लक्ष्य

UNGA 81 में हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए वैश्विक कार्रवाई से जुड़े कार्यक्रम में भारत ने 2030 तक हेपेटाइटिस बी और सी को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में खत्म करने के लक्ष्य पर जोर दिया। इसके लिए शुरुआती पहचान, सस्ती जांच और उपचार तक पहुंच तथा रोकथाम और देखभाल को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।

राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत करीब 1.80 लाख प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर टर्शियरी केयर केंद्रों तक स्क्रीनिंग सेवाएं उपलब्ध होने की बात कही गई। कार्यक्रम के तहत 1,039 उपचार केंद्रों का नेटवर्क भी बताया गया। वर्ष 2018 में कार्यक्रम शुरू होने के बाद करीब 22.5 करोड़ लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

सिकल सेल बीमारी के खिलाफ वैश्विक साझेदारी

UNGA 81 के दौरान भारत ने ‘OneSCD: A Global Partnership to Advance Equity and Transform Sickle Cell Care’ पहल की सह-मेजबानी की। इस पहल में नाइजीरिया सरकार, WHO, UNICEF, Africa CDC, World Coalition on Sickle Cell Disease और St. Jude Children’s Research Hospital समेत विभिन्न वैश्विक साझेदार शामिल हुए।

2047 तक सिकल सेल उन्मूलन का लक्ष्य

भारत ने वर्ष 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत किए जा रहे प्रयासों को भी साझा किया। मिशन में आबादी स्तर पर स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान, काउंसलिंग, उपचार, फॉलो-अप और डिजिटल ट्रैकिंग को शामिल किया गया है।

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मिशन के तहत 7.29 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, 20 लाख से अधिक कैरियर की पहचान और 2.5 लाख लोगों में बीमारी की पहचान की गई है। इसके अलावा 4.93 करोड़ से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं।

सस्ती जांच और उपचार पर जोर

भारत ने सिकल सेल बीमारी के लिए किफायती पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक्स और हाइड्रॉक्सीयूरिया थेरेपी तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही स्वदेशी जीन-एडिटिंग थेरेपी पर चल रहे अनुसंधान का भी जिक्र किया गया। वैश्विक मंच पर भारत ने समय पर पहचान, उचित उपचार और निरंतर फॉलो-अप को सिकल सेल देखभाल के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया।

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