स्लोवेनिया में भारत विरोधी तत्वों का उत्पात: विदेश मंत्रालय ने दर्ज कराई सख्त आपत्ति, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
स्लोवेनिया के लुब्लियाना में भारतीय दूतावास को नुकसान पहुंचाए जाने पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने खालिस्तान समर्थक तत्वों की इस करतूत की निंदा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
लुब्लियाना। स्लोवेनिया के लुब्लियाना स्थित भारतीय दूतावास पर भारत विरोधी तत्वों और खालिस्तान समर्थकों द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने वियना कन्वेंशन का हवाला देते हुए इस निंदनीय घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। भारत ने नई दिल्ली और लुब्लियाना दोनों स्तरों पर स्लोवेनियाई अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और दूतावास की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्लोवेनिया में भारतीय दूतावास पर हमले पर भारत का कड़ा रुख
यूरोपीय देश स्लोवेनिया की राजधानी लुब्लियाना में स्थित भारतीय दूतावास की संपत्ति को भारत विरोधी तत्वों द्वारा क्षति पहुंचाए जाने की घटना पर भारत सरकार ने गहरा असंतोष व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इस घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राजनयिक परिसरों की सुरक्षा वियना कन्वेंशन के तहत अनिवार्य है और ऐसे परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रारंभिक जांच के अनुसार इस घटना में कुछ खालिस्तान समर्थक समूहों की संलिप्तता की बात सामने आई है।
दोनों देशों के स्तर पर आधिकारिक विरोध दर्ज
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस गंभीर मामले को नई दिल्ली तथा लुब्लियाना दोनों ही स्थानों पर स्लोवेनियाई प्रशासन के समक्ष पूरी तत्परता से उठाया गया है। भारत ने मांग की है कि इस निंदनीय कृत्य में शामिल असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त भारत ने अन्य देशों के कानून प्रवर्तन निकायों से भी अनुरोध किया है कि वे ऐसे अलगाववादी समूहों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और घृणा फैलाने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें।
हाल ही में हुई थीं उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकें
यह अप्रत्याशित घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में भारत और स्लोवेनिया के बीच सकारात्मक द्विपक्षीय बातचीत दर्ज की गई थी। गत माह स्लोवेनिया में भारत के राजदूत अमित नारंग ने स्लोवेनिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री टोने काजर से शिष्टाचार मुलाकात कर आर्थिक और राजनयिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया था। इस बैठक के दौरान भारतीय राजदूत ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से भेजा गया बधाई संदेश भी स्लोवेनियाई विदेश मंत्री को सौंपा था।
प्रगाढ़ रहे हैं दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध
दोनों राष्ट्रों के मध्य कूटनीतिक प्रगाढ़ता का परिचय 24 जून को भी देखने को मिला था, जब विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली स्थित स्लोवेनियाई दूतावास में आयोजित उनके राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस अवसर पर भारत ने लंबे समय से चली आ रही परस्पर साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। साथ ही सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध भारत के प्रयासों में स्लोवेनिया द्वारा दिए जाने वाले निरंतर समर्थन की भी सराहना की गई थी।
शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर भी रहा है बेहतर संवाद
दोनों देशों के मध्य शीर्ष राजनीतिक स्तर पर भी सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनेज़ यांसा के स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री चुने जाने पर उन्हें अपनी ओर से बधाई प्रेषित की थी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में दोनों देशों के नागरिकों की समृद्धि और पारस्परिक लाभ के लिए द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। ऐसे में दूतावास पर हुई यह घटना दोनों देशों के बीच बने अनुकूल माहौल के विपरीत मानी जा रही है।




