कुवाकी शिहो ने जीता महिला ब्रिटिश ओपन का खिताब: प्ले-ऑफ में एस्थर हेन्सेलीट को दी शिकस्त
जापान की कुवाकी शिहो ने जर्मनी की एस्थर हेन्सेलीट को प्ले-ऑफ में हराकर 2026 का महिला ब्रिटिश ओपन खिताब अपने नाम कर लिया है।

जापान की गोल्फर कुवाकी शिहो ने जर्मनी की एस्थर हेन्सेलीट को रोमांचक प्ले-ऑफ में हराकर महिला ब्रिटिश ओपन 2026 का खिताब जीत लिया है। इंग्लैंड के रॉयल लिथम एंड सेंट एन्स में खेले गए इस मुकाबले में जीत दर्ज कर शिहो एलपीजीए मेजर जीतने वाली जापान की सातवीं खिलाड़ी बन गई हैं। इस सफलता के साथ ही उन्होंने 2027 एलपीजीए टूर के लिए अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है।
रोमांचक प्ले-ऑफ में कुवाकी शिहो की जीत
जापान की युवा गोल्फर कुवाकी शिहो ने इंग्लैंड के रॉयल लिथम एंड सेंट एन्स में आयोजित महिला ब्रिटिश ओपन में ऐतिहासिक खिताबी जीत दर्ज की। रोमांचक अंतिम चरण में उन्होंने जर्मनी की एस्थर हेन्सेलीट को दूसरे एक्स्ट्रा प्ले-ऑफ होल में मात दी। हेन्सेलीट ने अंतिम 18वें होल पर बर्डी लगाकर 5-अंडर 279 के कुल स्कोर के साथ टाई-ब्रेकर की स्थिति बनाई थी। प्ले-ऑफ के दूसरे होल पर 23 वर्षीय कुवाकी ने धैर्य बनाए रखते हुए ‘पार’ स्कोर किया, जबकि विरोधी खिलाड़ी ‘बोगी’ कर बैठीं, जिससे साल के अंतिम महिला मेजर का फैसला जापानी खिलाड़ी के पक्ष में रहा।
एलपीजीए टूर में प्रवेश और नया कीर्तिमान
इस सफलता के साथ ही कुवाकी शिहो एलपीजीए मेजर खिताब जीतने वाली जापान की सातवीं महिला गोल्फर बन गई हैं। पिछले वर्ष यामाशिता मियू द्वारा बनाई गई खिताबी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह जापान का लगातार दूसरा ब्रिटिश ओपन खिताब है। वहीं, दुनिया की शीर्ष रैंकिंग खिलाड़ी नेली कोर्डा 2-अंडर 282 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहीं। इस खिताबी जीत का एक बड़ा लाभ यह हुआ है कि कुवाकी को वर्ष 2027 में पूर्णकालिक रूप से प्रतिष्ठित एलपीजीए टूर में प्रतिस्पर्धा करने का सीधा अवसर प्राप्त हो गया है।
भविष्य के लक्ष्यों पर कुवाकी का दृष्टिकोण
अंतिम दौर में 1-अंडर 70 का कार्ड खेलने के बाद अपनी जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुवाकी ने मैदान पर हर क्षण का आनंद लेने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस उपलब्धि को मात्र एक क्षणिक सफलता नहीं बनने देना चाहतीं। भविष्य की योजनाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे इस जीत से संतुष्ट होकर रुकने के बजाय अपने खेल को और अधिक निखारने के लिए निरंतर कठिन परिश्रम जारी रखेंगी।




