NEET प्रदर्शन पर रमेश बिधूड़ी का विवादित बयान: ‘जंतर-मंतर पर छात्रों से ज्यादा पंचर बनाने वाले थे’
पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर NEET प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देते हुए भीड़ पर सवाल उठाए। पीएम मोदी की माफी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है।

नई दिल्ली. पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर विवादित बयान देकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। उन्होंने प्रदर्शन में छात्रों से अधिक बाहरी लोगों की मौजूदगी का दावा किया और पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वालों पर निशाना साधा। इस बीच नीट धांधली विवाद के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है और एनटीए के कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
NEET प्रदर्शन को लेकर रमेश बिधूड़ी का तीखा हमला
जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक बेहद विवादित बयान दिया है। तुगलकाबाद क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में वास्तविक विद्यार्थियों की संख्या काफी कम थी, जबकि अन्य व्यावसायिक कार्यों से जुड़े लोगों को बहला-फुसलाकर वहां इकट्ठा किया गया था। उनके इस वक्तव्य के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है।
प्रधानमंत्री के खिलाफ भाषा के इस्तेमाल पर जताई आपत्ति
अपने संबोधन के दौरान बिधूड़ी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अशोभनीय और अभद्र शब्दावली का प्रयोग करने वाले तत्वों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी जिम्मेदार और संस्कारी नागरिक देश के शीर्ष नेतृत्व के विषय में ऐसी अनुचित भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विशेष विचारधारा और पृष्ठभूमि के लोगों द्वारा माहौल को खराब करने और युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को किया था क्षमा
इस प्रकरण से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जंतर-मंतर के प्रदर्शन का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि विरोध के नाम पर अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी सभ्य समाज की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। अपने और अपने परिवार के प्रति की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों के बावजूद प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसे भटके हुए युवाओं को सही मार्ग पर लाने और उन्हें क्षमा करने का संदेश दिया था।
NEET धांधली मामले में हुई कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष और विभिन्न संगठनों द्वारा ‘चलो संसद’ मार्च सहित कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। इस विवाद की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे।



