‘2030 में भारत करेगा मेजबानी, जीतेंगे सर्वाधिक मेडल’: केजरीवाल के तंज पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया का पलटवार
भारत की मेजबानी में होंगे सभी खेल और जीतेंगे रिकॉर्ड मेडल', केजरीवाल के बयान पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया का करारा जवाब। जानिए क्या है 2030 CWG को लेकर पूरा मामला।
नई दिल्ली। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 39 मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, इस बार कुश्ती (रेसलिंग) और निशानेबाजी (शूटिंग) जैसे भारत के पारंपरिक मेडल-दिलाऊ खेलों को बाहर रखे जाने पर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध जताने पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने करारा जवाब दिया है। मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, तो इसमें सभी प्रमुख खेल शामिल होंगे और देश अब तक के सबसे ज्यादा मेडल जीतेगा।
खेल मंत्री का जवाब: ‘2030 का आयोजन सबसे भव्य होगा, यह नए भारत की गारंटी’
केजरीवाल के बयान का जवाब देते हुए केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “केजरीवाल जी, आप एकदम निश्चिंत रहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन करेगा, तो वह सबसे भव्य और ऐतिहासिक होगा। उस दौरान हमारे सभी प्रमुख स्पोर्ट्स भी इसमें शामिल होंगे और हम अपने सर्वाधिक मेडल्स भी जीतेंगे। यह नए भारत की गारंटी है।”
केजरीवाल ने जताया था दुख, कहा- अनुचित निष्कासन का पुरजोर विरोध हो
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने भारतीय एथलीटों को बधाई देने के साथ-साथ पसंदीदा खेलों के हटाए जाने पर निराशा व्यक्त की थी। उन्होंने ‘X’ पर पोस्ट कर लिखा कि कुश्ती और शूटिंग जैसे खेलों, जिनमें भारत का हमेशा दबदबा रहा है, उन्हें लिस्ट से हटाना दुखद है। उन्होंने कहा कि भारत को इस अनुचित निष्कासन का पुरजोर विरोध करना चाहिए और जमीनी स्तर पर सही निवेश से भारत मेडल तालिका में शीर्ष पर पहुंच सकता है।
क्यों हटाए गए थे कुश्ती और शूटिंग जैसे 9 प्रमुख खेल?
गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर को मिली थी। हालांकि, बढ़ते बजट और खर्चों का हवाला देकर विक्टोरिया ने 2023 में हाथ पीछे खींच लिए थे। इसके बाद सितंबर 2024 में स्कॉटलैंड के ग्लासगो को सीमित समय में इस टूर्नामेंट के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई। तैयारी के लिए कम समय और सीमित संसाधनों को देखते हुए आयोजकों ने कुश्ती और शूटिंग समेत कुल 9 खेलों को इस संस्करण के शेड्यूल से हटाने का फैसला लिया था।




