उत्तर प्रदेशराज्य

एआई कैमरों और फेस रिकग्निशन से सजी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा दीवार

पश्चिम यूपी में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक एआई कैमरों, फेस रिकग्निशन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से बेहद मजबूत कर दिया गया है। मेरठ और मुजफ्फरनगर के प्रमुख मार्गों, एनएच-58 और संवेदनशील चौराहों पर एकीकृत कमान कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा बलों की तैनाती, एंबुलेंस सेवाओं और वॉच टॉवर से दूरबीन निगरानी के जरिए शिवभक्तों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा रही है।

मेरठ. मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत पश्चिम यूपी के प्रमुख जिलों में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से लैस किया गया है। पुलिस लाइन स्थित एकीकृत केंद्रीय कमान कंट्रोल रूम के जरिए कांवड़ पटरी मार्ग, नेशनल हाईवे-58, मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। इस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगभग 250 एआई और आईपी कैमरों को सक्रिय किया गया है, जो पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

स्वचालित अलर्ट और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग प्रणाली

सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान होते ही कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। इसके साथ ही, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे गुजरने वाले वाहनों के नंबर स्कैन करके उनका डेटाबेस तुरंत उपलब्ध करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए विशेष मैट्रिक्स सॉफ्टवेयर की मदद ली जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय अफवाह को तुरंत रोका जा सके।

आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार के पुराने वीडियो, असत्यापित संदेशों या अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। इंटरनेट पर प्रसारित होने वाली प्रत्येक सामग्री सत्य नहीं होती, इसलिए नागरिकों को केवल आधिकारिक माध्यमों से ही खबरों की पुष्टि करने की सलाह दी गई है। भ्रामक सामग्री शेयर करने से बचने और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

जमीनी स्तर पर बैरिकेडिंग और आपातकालीन एंबुलेंस सेवा

खतौली और आसपास के क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए बड़े वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन हेतु प्रमुख सड़कों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 13 एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। एंबुलेंस चालकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हादसे की स्थिति में घायलों को तुरंत निकटतम चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाए।

वॉच टॉवर और दूरबीन से संवेदनशील इलाकों की निगरानी

मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे जैसे अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर विशेष वॉच टॉवर स्थापित किए गए हैं। इन टॉवरों पर तैनात सुरक्षाकर्मी हाई-डेफिनिशन दूरबीन की सहायता से दूर-दूर तक भीड़ के मूवमेंट और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। शिफ्टों में काम कर रहे जवान मुख्य मार्ग और लिंक रोड की स्थिति को लगातार जांच रहे हैं ताकि शिवभक्तों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वागत और यातायात व्यवस्था का समन्वय

सुरक्षा के साथ-साथ शिवभक्तों के स्वागत के लिए जगह-जगह अभिनंदन होर्डिंग्स और यातायात नियमों के पोस्टर लगाए गए हैं। जमीन पर मुस्तैद ट्रैफिक और नागरिक पुलिस बल के जवान वाहनों की सघन चेकिंग कर रहे हैं और आवागमन को सुगम बनाए रखने में योगदान दे रहे हैं। तकनीक और पुलिस बल के इस समन्वय से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया गया है।

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