FPI Investment Update: लगातार 4 महीने की बिकवाली के बाद FPI की दमदार वापसी, जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में डाले ₹20,199 करोड़!
लगातार चार महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जुलाई 2026 में भारतीय शेयर बाजार में ₹20,199 करोड़ का शुद्ध निवेश किया है। जानिए इसके पीछे की मुख्य वजहें और आंकड़े।
नई दिल्ली। साल 2026 में ज्यादातर समय बिकवाल (सेलर) की भूमिका में रहने के बाद जुलाई के महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार में शानदार वापसी की है। लगातार चार महीनों (मार्च, अप्रैल, मई और जून) तक घरेलू बाजार से भारी फंड निकालने के बाद जुलाई में एफपीआई एक बार फिर नेट बायर (खरीदार) बने। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जुलाई से 31 जुलाई के दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध ₹20,199 करोड़ का निवेश किया है।
क्यों बदला विदेशी निवेशकों का मूड?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों की इस वापसी के पीछे कई मुख्य कारण हैं:
- मजबूत आर्थिक संकेतक: भारत के बेहतर होते घरेलू आर्थिक आंकड़े और जीडीपी ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं।
- रुपये में स्थिरता: भारतीय रुपये के मूल्य में स्थिरता ने विदेशी फंड्स को सुरक्षा का अहसास कराया।
- ग्लोबल डायवर्जन: फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के अनिल भंसाली के अनुसार, सेमीकंडक्टर सेक्टर में मंदी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों से FPI बिकवाली के कारण बड़ा निवेश भारत की ओर डायवर्ट हुआ।
साल 2026 में FPI के निवेश का पूरा रिपोर्ट कार्ड
सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की शुरुआत से अब तक एफपीआई के रुख में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है:
महीनेवार FPI का उतार-चढ़ाव (2026):
- जनवरी: ₹35,962 करोड़ की बिकवाली
- फरवरी: ₹22,615 करोड़ का निवेश (खरीदारी)
- मार्च: रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की निकासी
- अप्रैल: ₹60,847 करोड़ की बिकवाली
- मई: ₹32,963 करोड़ की बिकवाली
- जून: ₹49,340 करोड़ की निकासी
- जुलाई: ₹20,199 करोड़ का शुद्ध निवेश (वापसी)
जनवरी से जुलाई तक की बात करें तो लगातार बिकवाली के चलते एफपीआई अब तक भारतीय शेयर बाजार से कुल ₹2,53,298 करोड़ की शुद्ध निकासी कर चुके हैं। हालांकि, जुलाई के आंकड़ों ने बाजार को एक नया सकारात्मक संकेत दिया है।




