छत्तीसगढ़

सीएम विष्णु देव साय की बड़ी बैठक: पारस पोर्टल की समीक्षा आज, ऊर्जा विभाग और ‘विकसित भारत’ पर रहेगा फोकस

छत्तीसगढ़ सीएम विष्णु देव साय की रायपुर में अहम विभागीय बैठक। पारस पोर्टल समीक्षा, विकसित भारत पर प्रेस वार्ता और ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा आज। पूरी खबर पढ़ें।

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में राज्य के विकास कार्यों की रफ्तार परखने के लिए मैराथन बैठकों का दौर शुरू करने जा रहे हैं। सीएम साय आज मंत्रालय में पारस राज्य प्रगति पोर्टल और ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। इसके साथ ही ‘विकसित भारत’ अभियान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर दोपहर में एक विशेष प्रेस वार्ता भी आयोजित की जाएगी।

पारस राज्य प्रगति पोर्टल की समीक्षा: विकास परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 11 बजे मंत्रालय पहुंचकर पारस राज्य प्रगति पोर्टल की विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के त्वरित और पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

  • प्रगति रिपोर्ट का आकलन: बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित परियोजनाओं, चालू निर्माण कार्यों और जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की जाएगी।
  • अधिकारियों को निर्देश: सीएम साय का पूरा ध्यान योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने पर रहेगा, ताकि आम जनता तक इनका सीधा लाभ जल्द से जल्द पहुंचाया जा सके।

दोपहर 1 बजे प्रेस वार्ता: ‘विकसित भारत’ अभियान पर हो सकते हैं बड़े ऐलान

विभागीय समीक्षा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री दोपहर 01:00 बजे मीडिया को संबोधित करेंगे। क्यों खास है यह प्रेस वार्ता: राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त विकास रणनीतियों, आगामी जनकल्याणकारी परियोजनाओं और भविष्य के रोडमैप को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां व बड़े ऐलान साझा किए जा सकते हैं।

ऊर्जा विभाग की बैठक: बिजली अधोसंरचना और सेवाओं में सुधार का खाका

प्रेस वार्ता के बाद मुख्यमंत्री ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक में भाग लेंगे।

  • बिजली उत्पादन और वितरण: प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति, उत्पादन क्षमता और वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर चर्चा होगी।
  • ग्रामीण विद्युतीकरण: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • उपभोक्ता सेवाएं: उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सेवाएं प्रदान करने और ऊर्जा क्षेत्र की लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

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