भोपाल में ब्रिक्स समिट का दूसरा दिन: संस्कृति मंत्रियों के घोषणा पत्र पर मंथन, शाम को रविंद्र भवन में सजेगी सुरों की शाम
भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन का दूसरा दिन! संस्कृति मंत्रियों के घोषणा पत्र पर मंथन, सांची भ्रमण, स्वादिष्ट व्यंजन और ब्रिक्स पीस सॉन्ग रहेगा खास।
भोपाल. राजधानी भोपाल में आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 के दूसरे दिन वैश्विक सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने पर गहन मंथन जारी है। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों के घोषणा पत्र के मसौदे, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने पर चर्चा हो रही है। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में जारी बैठकों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों के लिए मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों की खास मेजबानी और रविंद्र भवन में भव्य ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
सांस्कृतिक घोषणा पत्र पर मंथन और 3 विशेष प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन के दूसरे दिन कार्य समूह द्वारा तैयार की गई सिफारिशों के आधार पर मंत्रिस्तरीय चर्चा हो रही है। बैठक में संग्रहालयों के विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने पर सहमति बनाई जा रही है।
- तीन खास प्रदर्शनियां: मिंटो हॉल परिसर में ‘ज्ञान भारतम’, ‘प्रोजेक्ट मौसम’ और ‘प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत’ नामक तीन प्रदर्शनियां आम लोगों के लिए खोली गई हैं, जो भारत के प्राचीन ज्ञान, समुद्री इतिहास और वैश्विक सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती हैं।
- एमपी का स्वाद और विदेशी व्यंजन: विदेशी मेहमानों के लिए मालवा और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों जैसे दाल बाफले, निमोना, रिकमच, चंबल का थोपा, कोदो-कुटकी के मिलेट्स और चंदिया का विशेष प्रबंध किया गया है।
7 अगस्त: ‘ब्रिक्स पीस सॉन्ग’ और ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ से सजेगी सांस्कृतिक शाम
सम्मेलन के मुख्य आयोजनों की कड़ी में 7 अगस्त की शाम रविंद्र भवन में भव्य ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का आयोजन होगा।
- मंगल आह्वान और पीस सॉन्ग: कार्यक्रम की शुरुआत “सर्वे भवन्तु सुखिनः” और “कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक” से होगी। इसका मुख्य आकर्षण “ब्रिक्स पीस सॉन्ग – पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड” होगा, जिसमें 11 देशों की संगीत परंपराओं का अनूठा संगम दिखेगा।
- अमृतस्य मध्य प्रदेश: प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकार ‘ॐ’ की ध्वनि के साथ मध्य प्रदेश के इतिहास, सांची, खजुराहो, महाकाल की नगरी उज्जैन, नर्मदा महाआरती और जनजातीय नृत्यों की भव्य प्रस्तुति देंगे। इसी मंच से अतिथियों को सिंहस्थ कुंभ 2028 का आध्यात्मिक निमंत्रण भी दिया जाएगा।
8 और 9 अगस्त: मंत्रिस्तरीय बैठक, सांची स्तूप और भीमबेटका का भ्रमण
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में ‘तीसरी ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक’ का औपचारिक आयोजन होगा, जिसमें भविष्य का रोडमैप तय करते हुए ‘ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा’ को अपनाया जाएगा।
- सांची की सांस्कृतिक यात्रा (8 अगस्त): बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का दौरा करेंगे। वहां चेतियागिरी मंदिर दर्शन, योग व ध्यान सत्र और 3D प्रोजेक्शन मैपिंग शो में भाग लेंगे।
- भीमबेटका भ्रमण (9 अगस्त): प्रतिनिधियों को दुनिया की प्राचीनतम शैल कला (रॉक आर्ट) देखने के लिए भीमबेटका शैलचित्रों के भ्रमण का विकल्प दिया गया है।




